चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा का विचार
बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. एस.के. सरीन कहते हैं, "संयुक्त प्रवेश परीक्षा से मेडीकल परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के लिए बाधाएं दूर होंगी। वर्तमान में छात्रों को चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए 10-12 अलग-अलग परीक्षाएं देनी पड़ती हैं।"
उन्होंने कहा, "संयुक्त प्रवेश परीक्षा का मकसद छात्रों और संस्थानों के बीच के भेद को दूर करना है।"
एमसीआई प्रस्तावित संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से विचार-विमर्श कर रहा है। सरीन ने कहा, "सीबीएसई के साथ विचार-विमर्श शुरू हो गया है और वह संयुक्त प्रवेश परीक्षा के विचार के प्रति बहुत उत्साहित है।"
चिकित्सा शिक्षा के प्रति स्वास्थ्य मंत्रालय की निरंतर मदद मिलने की बात कहते हुए डॉ. सरीन ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय भी संयुक्त प्रवेश परीक्षा का समर्थक है।
डॉ. सरीन ने कहा, "स्वास्थ्य की मूलभूत व्यवस्था के लिए आवश्यक चिकित्सा शिक्षा को स्वास्थ्य मंत्रालय का हिस्सा होना चाहिए।"
प्रस्ताव में निजी एवं शासकीय चिकित्सा कॉलेजों के स्नातक एवं स्नात्कोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा की बात कही गई है।
हाल ही में मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्री कपिल सिब्बल ने चिकित्सा व इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए एक संयुक्त प्रवेश परीक्षा का प्रस्ताव रखा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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