भारत-कनाडा के बीच परमाणु समझौता

समझौते के बाद संयुक्त पत्रकारवार्ता में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा,'' भारत को आपूर्ति की जाने वाली परमाणु सामग्री अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के समझौते के अनुसार सुरक्षित रखी जाएगी.''उनका कहना था,''हमारे पास ऐसी सुरक्षित व्यवस्था है ताकि ये ग़लत हाथों में न पड़े.''
कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफ़न हार्पर का कहना था कि उनका देश 70 के दशक में बना नहीं रह सकता.उल्लेखनीय है कि कनाडा ने 1974 में भारत के पहले परमाणु परीक्षण के बाद भारत से किसी भी तरह के परमाणु संबंधों पर प्रतिबंध लगा दिया था.भारत के अमरीका, फ्रांस और रूस सहित कई अन्य देशों के साथ परमाणु सहयोग समझौते हैं और ऐसा समझौता करने वाला कनाडा नौवां देश बन गया है.
कनाडा दुनिया का सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश है.
पिछले साल सितंबर में न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) ने भारत पर पिछले 34 साल से लगी पाबंदी हटा ली थी, जिसके बाद भारत को असैनिक परमाणु समझौते के लिए हरी झंडी मिल गई थी.












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