प्रधानमंत्री ने सिखों से 84 के दंगे भूलने को कहा (लीड-1)

टोरंटो, 28 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कनाडा के सिखों को आश्वासन दिया कि 1984 के सिख दंगा पीड़ितों के जख्म भरने के लिए उनकी सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने सिख समुदाय से आग्रह किया कि अतीत को भूला कर आगे की सुधि लेनी चाहिए।

यहां एयर इंडिया मेमोरियल में कनिष्का हादसे के पीड़ितों को अपनी श्रद्धांजलि देने के पूर्व इंडो-कनाडाई सांसदों की बैठक में मनमोहन सिंह ने कहा कि दंगा एक डरावनी त्रासदी है, जिसे नहीं घटना चाहिए। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अंगरक्षकों द्वारा 31 अक्टूबर, 1984 को की गई गांधी की हत्या के बाद देश में सिखों के खिलाफ दंगे भड़क गए थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस त्रासदी के लिए 2005 में माफी मांगी थी और उनकी सरकार ने पीड़ितों को मुआवजे के मामले को भी शुरू किया था। लेकिन भारतीय न्यायिक प्रणाली के साथ ठीक वही समस्या है, जो समस्या कनाडाई प्रणाली में है।

सिंह ने कहा कि यद्यपि त्रासदी को भूलना कठिन है, फिर भी सिख समुदाय को अतीत के बारे में बहुत ज्यादा नहीं सोचना चाहिए और भारत में अपनी महती भूमिका निभानी चाहिए।

सिंह ने खेद व्यक्त किया कि कुछ समूह अपने अलगाववादी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए अभी भी इस मुद्दे को जिंदा बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी एक बैठक के दौरान की। बैठक में इंडो-कनाडाई सांसद सुख धालीवाल भी मौजूद थे, जिन्होंने 1984 के दंगे को नरसंहार घोषित करने के लिए हाल ही में कनाडाई संसद में एक प्रस्ताव पेश किया था।

प्रधानमंत्री से 1984 के दंगे के मामले को सुलझाने का आग्रह करते हुए पूर्व कनाडाई स्वास्थ्य मंत्री उजाल दोसंज ने चेतावनी दी कि कई समूह इस मुद्दे को अपने खालिस्तानी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। दोसंज ने कहा, "दंगा पीड़ितों के लिए न्याय उनकी सोच से दूर है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+