बड़ी घोषणाओं के चलते बाजार में स्थिरता
मुंबई, 26 जून (आईएएनएस)। अंबानी भाइयों में नया गैस आपूर्ति समझौता होने और सरकार द्वारा ईंधन की कीमतों को नियंत्रण मुक्त करने की बड़ी घोषणाओं के चलते भारतीय शेयर बाजार पिछले सप्ताह के स्तर के करीब ही बंद हुए।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह के अंतिम स्तर के करीब ही बंद हुआ। शुक्रवार को यह पिछले सप्ताह के मुकाबले 3.71 अंक बढ़कर 17,574.53 अंक पर बंद हुआ।
पिछले सप्ताह सेंसेक्स 17,570.82 अंक के स्तर पर बंद हुआ था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी पिछले सप्ताह के अंतिम स्तर से 6.45 अंक बढ़कर 5,269.05 अंक पर बंद हुआ, पिछले सप्ताह यह 5,262.6 अंक पर बंद हुआ था।
अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड (आरएनआरएल) ने मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ शुक्रवार को एक संशोधित गैस आपूर्ति समझौता किया। इस समझौते के बाद दोनों समूह की कंपनियों के शेयरों में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने एक बयान में कहा, "गैस आपूर्ति समझौता गैस उपभोग नीति और मंत्रियों के अधिकारिता समूह के निर्णयों का अनुवर्ती रहेगा।"
सरकार ने गैस का दाम 4.2 डॉलर प्रति मिलियन मीट्रिक ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) तय किया है लेकिन दोनों कंपनियों ने गैस के दाम, आपूर्ति की अवधि और मात्रा का खुलासा नहीं किया है।
वहीं दूसरी ओर सरकार ने शुक्रवार को कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के आधार पर तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोल और डीजल के दाम तय करने की छूट दे दी।
इस फैसले के बाद सरकारी क्षेत्र की तेल कंपनियों के शेयर एक ही दिन में 10 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए।
तेल, उपभोक्ता वस्तुओं, स्वास्थ्य, रियल्टी और एफएमसीजी क्षेत्र के शेयरों में तेजी के चलते विस्तृत सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई। मिडकैप सूचकांक शुक्रवार को 1.53 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक में 1.62 फीसदी बढ़कर बंद हुए।
सेबी के आंकड़ों के मुताबिक इस सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशकों में भारतीय शेयर बाजार में 1.1 अरब डॉलर की खरीदारी की है।
यूरोप में वित्तीय संकट और अमेरिकी फेडरल बैंक से आशंकाओं के चलते एशियाई बाजारों में निवेशकों का रुख सावधानीपूर्ण रहा।
जापान का निक्केई इस सप्ताह करीब 2.58 प्रतिशत गिरकर 9,737.48 अंक पर बंद हुआ वहीं हांगकांग का हेंगसेंग 1.99 प्रतिशत बढ़कर 20,690.79 अंक पर बंद हुआ।
चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक पिछले सप्ताह के मुकाबले 1.58 प्रतिशत बढ़कर 2,552.82 अंक पर बंद हुआ।
अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़ों के चलते यूरोप के प्रमुख बाजार गिरकर बंद हुए। मेक्सिकों की खाड़ी में हुए तेल रिसाव को साफ करने में हो रहे ब्रिटिश पेट्रोलियम के भारी खर्च के चलते इसके शेयर में भारी गिरावट रही साथ ही निवेशकों का भरोसा भी कमजोर नजर आया।
लंदन का एफटीएसई 3.89 प्रतिशत गिरकर 5,046.47 अंक पर बंद हुआ। फ्रांस का सीएसी पिछले सप्ताह के मुकाबले 4.54 प्रतिशत गिरकर 3,519.73 अंक पर बंद हुआ। जर्मनी का सूचकांक डेक्स 2.35 प्रतिशत गिरकर 6,070.60 अंक पर बंद हुआ।
वॉल स्ट्रीट के लिए भी यह खराब सप्ताह रहा।
अमेरिका का नेस्डॉक पिछले सप्ताह के मुकाबले 3.74 प्रतिशत गिरकर 2,223.48 अंक पर और एस एण्ड पी 500 सूचकांक 3.65 प्रतिशत गिरकर 1,076.76 अंक पर बंद हुआ।
डाउ जोंस औद्योगिक सूचकांक 2.94 प्रतिशत बढ़कर 10,143.81 अंक पर बंद हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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