पूर्वोत्तर में सही तरीके से चल रही जनगणना
अगरतला/आईजोल, 25 जून (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर के राज्यों में प्रतिबंधित अलगाववादी संगठनों द्वारा जनगणना के प्रथम चरण के दौरान किसी तरह का व्यवधान पैदा नहीं किए जाने से कुछ राज्यों में जनगणना का काम बेहतर ढंग से सम्पन्न हो गया।
इस काम में लगे वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक जनगणना के पहले चरण का काम पूरा कर लिया गया है। इस चरण में घरों की गिनती और घर-घर जाकर परिवार में रहने वाले लोगों की संख्या को भारतीय राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनआरआईसी) में दर्ज किया गया।
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में जनगणना का काम पूरा हो चुका है जबकि मिजोरम, नागालैंड और मणिपुर में 45 दिनों तक चलने वाले जनगणना का काम 15 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा।
वरिष्ठ जनगणना अधिकारी दिलीप आचारजी ने कहा, "पहले चरण के दौरान पूर्वोत्तर के किसी भी राज्य में व्यवधान की खबर नहीं है। विशेषतौर से उन क्षेत्रों में जहां प्रतिबंधित संगठन सक्रिय हैं।"
आचारजी ने कहा, "केंद्रीय गृह सचिव गोपाल कृष्ण पिल्लई इस महीने के प्रारंभ में नई दिल्ली में एक बैठक आयोजित की थी जिसमें सभी राज्यों के जनगणना अभियान के निदेशक शामिल हुए थे। पूर्वोत्तर के सातों राज्यों के निदेशकों ने बैठक के दौरान किसी तरह की आतंकवादी समस्याएं की बात नहीं कही।"
रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त सी. चंद्रमौली, गृहमंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा जनगणना अभियान से संबंधित अधिकारी भी बैठक के दौरान उपस्थित थे। यह बैठक 10 से 11 जून तक आयोजित की गई थी।
जनगणना के पहले चरण की समाप्ति के बाद त्रिपुरा में जनगणना निदेशक आचारजी ने कहा कि सातों राज्यों के जनसंख्या आंकड़ों का परीक्षण गुवाहाटी में स्थित जनगणना निदेशालय में किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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