खाद्य महंगाई दर बढ़कर 16.9 प्रतिशत हुई
इसके पिछले सप्ताह में खाद्य महंगाई की दर 16.12 प्रतिशत थी।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन सप्ताह में महंगाई में वृद्धि का कारण उड़द और मूंग जैसी दालों तथा फलों और सब्जियों की ऊंची कीमतें रहीं।
प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक 17.6 प्रतिशत के ऊंचे स्तर पर बना रहा क्योंकि गैर खाद्य वस्तुओं का उप सूचकांक अपेक्षाकृत तेजी से बढ़कर 18.86 प्रतिशत पर पहुंच गया।
कुछ प्रमुख खाद्य वस्तुओं के मूल्यों में पिछले 52 सप्ताह के दौरान हुई वृद्धि और गिरावट निम्नलिखित है :
अनाज : 5.11 प्रतिशत
चावल : 6.45 प्रतिशत
गेहूं : 4.21 प्रतिशत
दालें : 34.14 प्रतिशत
सब्जियां : 4.32 प्रतिशत
फल : 13.55 प्रतिशत
दूध : 21.12 प्रतिशत
आलू : (-) 36.99 प्रतिशत
प्याज : (-) 22.42 प्रतिशत
नीति निर्माता उम्मीद कर रहे हैं कि मानसून के आगे बढ़ने से खाद्यान्नों की कीमतों में शीघ्र ही गिरावट आएगी लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष के आधार पर कुछ सप्ताह की गिरावट के बाद महंगाई में वृद्धि देखी जा सकती है।
भारतीय रिजर्व बैंक हस्तक्षेप के दबाव के बावजूद स्थिति पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण ब्याज दरों में एक बार फिर संशोधन को टालने में सफल रहा।
भरतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी.सुब्बाराव ने पिछले सप्ताह कहा कि महंगाई अधिक फैलती जा रही है लेकिन बैंक मौद्रिक नीति में सावधानी से बदलाव के वादे पर चलना जारी रखेगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को वाशिंगटन में कहा कि आरबीआई जैसा और जब आवश्यक होगा उसके अनुसार कार्य करने के लिए तैयार है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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