उल्फा के मसले पर प्रधानमंत्री के साथ बातचीत स्थगित (लीड-1)
मंच के संयोजक हिरेन गोहेन ने नई दिल्ली से आईएएनएस को फोन पर बताया, "हमें प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से फोन पर सूचित किया गया है कि यह बैठक रद्द हो गई है हालांकि फोन करने वाले व्यक्ति ने इसकी कोई वजह नहीं बताई और न ही बैठक की नई तारीख बताई गई है।"
इस नवगठित मंच का छह सदस्यीय समूह सोमवार सुबह 10.30 बजे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनके आवास पर भेंट करने वाला था।
गोहेन ने कहा, "हम प्रधानमंत्री के साथ बैठक गुहार नहीं लगा रहे हैं लेकिन साथ ही चाहते हैं कि इसकी नई तारीख और समय हमें बताया जाए क्योंकि जिस बारे में हम उनसे चर्चा करना चाहते हैं वह उल्फा के तीन दशक के आतंकवाद से संबद्ध होने के कारण बेहद गंभीर है।"
उन्होंने कहा, "हमें नहीं लगता कि इससे शांति प्रक्रिया को कोई आघात पहुंचा है लेकिन प्रस्तावित बैठक के रद्द होने से हमें कुछ निराशा हुई है।"
अप्रैल में गठित किए गए इस 11 सदस्यीय मंच में शिक्षाविद्, लेखक, पुलिस और सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी, मानवाधिकार कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल हैं। समूह कम से कम 100 संस्थाओं और अन्य जातीय समूहों का समर्थन होने का दावा करता है।
समूह ने अप्रैल में सरकार और उल्फा के बीच शांति के प्रयासों में मध्यस्थता करने का संकल्प लिया था। गोहेन ने कहा, "जेल में बंद उल्फा के ज्यादातर नेता शांति वार्ता के पक्ष में हैं। उनके साथ बैठक के दौरान हमें ऐसा ही अहसास हुआ है।"
मंच ने इससे पहले उल्फा के सभी नेताओं को जेल से रिहा करने की मांग की थी ताकि वे सरकार के साथ शांति वार्ता करने के बारे में फैसला लेने के लिए संगठन की जनरल काउंसिल की बैठक कर सके।
केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही संप्रभुता के मसले पर उल्फा के साथ वार्ता की पेशकश ठुकरा चुकी है, लेकिन उनका कहना है कि वे बिना शर्त बातचीत करने को तैयार हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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