नेपाल में पैगम्बर के चित्र से विवाद, पुस्तक पर पाबंदी

वर्ष 2006 तक एक हिंदू राष्ट्र रहने के बावजूद नेपाल में ऐसा मामला कभी नहीं सामने आया था। परंतु नए विवाद को तूल पकड़ता देख सरकार ने इसे सुलझाने की कोशिश की है। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इसके खिलाफ कड़ा ऐतराज जताया था।

नेपाल के शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान जारी किया। इसमें स्कूलों से कहा गया है कि वे बच्चों को यह विवादास्पद पुस्तक न पढ़ाएं। इस पुस्तक का नाम 'ए मॉडर्न अप्रोच टू सोशल स्टडीज' है और इसका प्रकाशन न्यू नेपाल पब्लिकेशंकस ने किया है। इसे आठवीं कक्षा में पढ़ाया जाना था।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस पुस्तक के बारे में उसकी मंजूरी नहीं ली गई थी जबकि हर सकूली पुस्तक का प्रकाशन उसकी निगरानी में होता है। उसका कहना है कि सरकार द्वारा अधिकृत सभी पुस्तकों में धार्मिक और सांस्कृति भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाता है।

इस मामले पर सबसे पहले 'मुस्लिम एसोसिएशन ऑफ नेपाल' की ओर से आपत्ति जताई गई थी। इस संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद निजामुद्दीन ने आईएएनएस से कहा कि पुस्तक में पैगम्बर के बारे में गलत सूचना दी गई है और उनके बारे में गलत व्याख्या की गई है।

निजामुद्दीन ने कहा, "मुसलमान मानते हैं कि अल्लाह ने पूरी कायनात (यूनीवर्स) बनाई है और इसी पर इस्लाम की पूरी बुनियाद भी है। बहुत सारे लोग इस्लाम के बारे बहुत सारी चीजें नहीं जानते। पैगम्बर मोहम्मद अल्लाह के दूत हैं जिन्होंने लोगों को इस्लाम के बारे में बताया।"

इस पुस्तक में आकृति के जरिए पैगम्बर को एक महिला जैसा दर्शाया गया है। इसका विरोध करने वाले संगठनों का कहना है कि इस्लाम में आकृति या मूर्ति बनाने को बंदिश है और पैगम्बर को इस तरह रेखांकित करना गलत है।

इस पुस्तक के अलावा दो अन्य प्रकाशनों की पुस्तकों अथारी पब्लिकेशंकस की 'नेपाल सोशल स्टडीज' और और एशिया पब्लिकेशंस की 'एशियाज सोशसल स्टडीज' में इसी तरह रेखांकन किया गया है जिससे विवाद और तूल पकड़ चुका है।

निजामुद्दीन ने कहा कि उनका संगठन ऐसी सभी पुस्तकों पर पाबंदी लगाने के लिए अपनी मांग जारी रखेगा। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार से मांग है कि सभी तथ्यों की सही ढंग से जांच कर लेने के बाद ही मजहबी मसलों पर किसी पुस्तक को प्रकाशित करने की इजाजत मिलनी चाहिए।"

गौरतलब है कि लगभग 10 साल पहले की गई जनगणना में नेपाल में मुस्लिम आबादी कुल जनसंख्या की चार फीसदी बताई गई थी। वर्ष 2006 में नेपाली संसद ने नेपाल को एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित कर दिया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+