पगड़ी पर पाबंदी नस्लवाद नहीं: क्लब
ऑकलैंड, 21 जून (आईएएनएस)। न्यूजीलैंड में एक पगड़ीधारी सिख के प्रवेश पर पाबंदी लगाने वाले क्लब के सदस्यों का कहना है कि इस मामले का नस्लवाद से कोई लेना-देना नहीं है और वे अदालत में अपने पक्ष का बचाव करने के लिए तैयार हैं।
पिछले दिनों ऑकलैंड के मैनुरेवा कॉस्मोपोलिटन क्लब में एक स्वयंसेवी करनैल सिंह को प्रवेश नहीं करने दिया गया था क्योंकि उन्होंने पगड़ी पहन रखी थी। इस पर 'सिख काउंसिल ऑफ न्यूजीलैंड' ने कड़ा ऐतराज जताया था और अब वह मानवाधिकार आयोग गुहार लगाने की कोशिश में है।
'न्यूजीलैंड हेराल्ड' के अनुसार इस क्लब के एक सदस्य कोन लिंटन का कहना है कि इस क्लब के 3,500 सदस्य हैं और वे एशियाई, इराकी और विभिन्न सभ्याताओं से ताल्लुक रखते हैं। बीते 40 वर्षो से क्लब के इस सदस्य ने कहा कि मामले का नस्लवाद से कोई संबंध नहीं है।
क्लब के कई सदस्य कहते हैं कि अगर क्लब के नियमों में कोई परिवर्तन थोपा जता है तो वे इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। एक सदस्य पीटर कैली ने कहा, "मेरा मामना है कि हम एक निजी क्लब हैं और इसके नियम अन्य क्लबों की तरह स्वतंत्र रूप से बनाए गए हैं। अगर इनमें बदलाव किया जाता है तो हम लड़ेंगे।"
उधर, सिख काउंसिल के प्रवक्ता वीरपाल सिंह ने कहा कि सिख समुदाय का सदस्य क्लब में दाखिल हुआ था लेकिन इसकी प्रबंधक पैट्रीसिया रैंगी ने अंदर जाने से मना कर दिया। इसे दूसरी सभ्यताओं को अस्वीकार करने का मामला होने से जुड़े सवाल पर सिंह ने कोई टिप्पणी नहीं की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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