एंडरसन के प्रत्यर्पण के लिए समीक्षा याचिका की सिफारिश करेगा मंत्री समूह (लीड-2)
मंत्री समूह सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
सूत्रों के मुताबिक समूह ने यह फैसला किया है कि वह इस त्रासदी के मुख्य आरोपी वारेन एंडरसन के अमेरिका से प्रत्यर्पण के लिए सरकार से सिफारिश करेगा।
एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया, "समूह में सहमति बनी कि एंडरसन पर कानूनी कार्रवाई के लिए अमेरिका से उसके प्रत्यर्पण की सरकार को सिफारिश की जाए।"
चिदंबरम ने कहा, "हमने हादसे से पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई से जुड़े मुद्दों और उसके उपायों पर भी चर्चा की।"
सूत्रों ने बताया है कि त्रासदी स्थल की सफाई का जिम्मा राज्य सरकार को सौंपा जाएगा और इसके लिए उसे भारी भरकम मदद भी दी जाएगी।
चिदंबरम ने कहा, "हमने चर्चा में सभी मुद्दों पर विचार किया जिनके बारे में हमने शुरुआत में कहा था। इसका लेखजोखा तैयाार किया जा रहा है। सोमवार सुबह 10 बजे फिर एक बार हम बैठेंगे और निर्णयों व सिफारिशों को अंतिम रूप देंगे। मुझे उम्मीद है कि सोमवार दोपहर तक हम प्रधानमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंप देंगे।"
मंत्री समूह की रविवार की बैठक में पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
चिदंबरम ने कहा, "आज मंत्री समूह की चौथे सत्र की बैठक हुई। बैठक दो घंटे चली। इसमें पर्यावरण संबंधी मुद्दे और इससे बचाव के उपायों पर चर्चा की गई। "
उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान संक्रमित मिट्टी, संक्रमित जल, दुर्घटनास्थल के पास विषैला कचरा और निष्क्रिय संयंत्र पर चर्चा की गई। हालांकि उन्होंेने इसका विस्तृत विवरण देने से इंकार कर दिया।
दो-तीन दिसंबर 1984 को भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र से तकरीबन 40 टन मिथाइल आइसोसायनाइट गैस रिसी थी जिससे तीन हजार लोगों की उसी रात मौत हो गई थी और इस हादसे में करीब 20, 000 लोगों ने दम तोड़ दिया था।
हादसे के 25 साल बाद भी संयंत्र में कई टन विषैला रासायनिक कचरा मौजूद है जो भूजल को संक्रमित करने के साथ ही भोपाल के निवासियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बना हुआ है।
सूत्र ने कहा, "पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने इस संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। मंत्री समूह सलाह देगा कि केंद्र सरकार कचरे की सफाई में सहयोग देगी लेकिन कचरे की सफाई की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होनी चाहिए।"
इसके अलावा जिन अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई उनमें औद्योगिक हादसों से निपटने के लिए न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करना, संयंत्र स्थल की सफाई, डाउ केमिकल्स पर दायित्व दावों पर दबाव बनाने के विकल्प पर विचार आदि शामिल हैं। डाउ केमिकल्स ने ही यूनियन कार्बाइड कंपनी खरीदी है।
समूह द्वारा निकाले गए निष्कर्ष को तैयार कर सोमवार को प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 10 दिनों के भीतर मंत्री समूह को अपनी रिपोर्ट देने को कहा है।
इससे पहले मंत्री समूह की शनिवार को हुई बैठक में गैस त्रासदी से संबंधित सभी वैधानिक मुद्दों और कानूनी विकल्पों पर विचार किया गया और संभावित निष्कर्ष पर पहुंचने की कोशिश की गई थी।
मंत्री समूह ने पीड़ित परिवारों और प्रभावितों को अधिक से अधिक मुआवजा राशि देने सहित इससे जुड़े कानूनी पहलुओं, त्रासदी स्थल की सफाई से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की।
सूत्रों ने कहा कि योजना आयोग गैस पीड़ितों की सहायता के लिए प्रदेश सरकार को 982 करोड़ रुपये की राशि जारी करने पर सहमत हो गया है।
वर्ष 1984 में हुए इस हादसे में लगभग 20,000 लोगों के मारे जाने का अनुमान है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications