कलराज ने भी नीतीश को सुनाई खरी-खरी (लीड-1)
कलराज ने रविवार को यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, "नीतीश द्वारा राहत राशि लौटाना उनकी तुच्छ और संकीर्ण राजनीतिक नजरिए को दशर्ाता है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें अपनी गलती स्वीकारते हुए अपने फैसले पर पुनर्वचिार करना चाहिए।"
मिश्रा ने कहा कि गुजरात सरकार ने बाढ़ राहत के लिए जो सहायता राशि दी थी वह नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत संपदा नहीं थी बल्कि गुजरात की जनता की तरफ से संवेदनशीलता से युक्त मदद थी।
उन्होंने कहा, "गुजरात की जनता ने कोई कर्ज नहीं दिया था जो उसे वापस किया जाए। लौटाया कर्ज जाता है मदद नहीं। नीतीश ने बिहार ही नहीं पूरे देश की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। वह अपनी गलती स्वीकार करें।"
मिश्र ने कहा कि नीतीश का नरेंद्र मोदी के नाम पर इतना भड़कने से साफ हो जाता है कि वह अल्पसंख्यक मतों के लिए ऐसा कर रहे हैं, बिहार में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक हैं। उन्हें लगता है कि मोदी मुसलमानों के दुश्मन हैं जबकि आंकड़े बताते हैं कि गुजरात राज्य में ही मुसलमान सबसे ज्यादा खुशहाल हैं।
नीतीश को निशाने पर लेते हुए मिश्रा ने कहा, "अगर उन्हें मुसलमानों को इतना ही प्रसन्न करना है तो भोपाल गैस त्रासदी पर क्यों आवाज नहीं उठा रहे..क्यों वह इसे मुद्दा नहीं बनाते। इस त्रासदी में 25 हजार लोग मारे गए थे जिसमें 70 प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदाय के लोग थे।"
नीतीश के ताजा कदम से भाजपा-जनता दल (युनाइटेड) के गठबंधन टूट के कगार पर पहुंच सकता है..इस सवाल पर मिश्रा ने कहा, "फिलहाल हमारा गठबंधन तोड़ने का कोई इरादा नहीं है। मैं इतना जरूर कहूंगा कि नीतीश का यह कदम गठबंधन के लिए ठीक नहीं है। जनता के बीच इसका नकरात्मक संदेश जाएगा।"
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भाजपा-जद (यू) गठबंधन की मजबूती और बेहतरी के लिए नीतीश अपने फैसले पर दोबारा विचार करें।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों पटना में भाजपा कार्यसमिति की बैठक के दौरान स्थानीय अखबारों में एक विज्ञापन छपा था, जिसमें नीतीश कुमार और मोदी की तस्वीर एक साथ छपी थी। एक अन्य विज्ञापन में इस बात का जिक्रथा कि वर्ष 2008 में कोसी बाढ़ आपदा के समय गुजरात ने बिहार को पांच करोड़ रुपये की मदद की थी।
उसी दिन नीतीश ने इस विज्ञापन को बिहार की अस्मिता से जोड़ते हुए गुजरात को पैसा लौटाने की धमकी दी थी। नाराज नीतीश ने भाजपा नेताओं को दिया जाने वाला रात्रिभोज तक रद्द कर दिया था। इसके बाद गत शनिवार को नीतीश ने गुजरात सरकार को पांच करोड़ रुपये भी लौटा दिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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