शिक्षा विधेयक में सुधार की मांग
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड की 57वीं बैठक में शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जो नया अधिनियम बनाया जा रहा है उसमें विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति केन्द्रीय आयोग करेगा जबकि अभी कुलपतियों की नियुक्ति का अधिकार राज्य सरकार को है।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार प्रदेशों में कालेजों को मान्यता राज्य सरकार द्वारा दी जाती है। अब कालेजों को मान्यता केन्द्रीय आयोग द्वारा दी जायेगी जो राज्य के अधिकारों पर हस्तक्षेप होगा। विश्वविद्यालयों और कालेजों का पाठ्यक्रम केन्द्रीय आयोग द्वारा निर्धारित किये जाने से राज्यों की परम्परा, संस्कृति और गौरवपूर्ण इतिहास का समावेश नहीं होगा। इस संवेदनशील विषय पर विचार किये जाने की आवश्यकता है।
शर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा तथा शोध आयोग में नियुक्ति प्रधानमंत्री, केन्द्रीय मंत्रियों सहित अन्य राजनैतिक नेताओं द्वारा किये जाने से सदस्यों की नियुक्ति पारदर्शी नहीं रहेगी। अत: आयोग में नियुक्ति पारदर्शी रखने के लिए उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों से परामर्श करके की जाए। आयोग में नियुक्ति के लिए राज्यों के प्रतिनिधियों से भी सलाह ली जाए।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से शिक्षा के क्षेत्र में विदेशी शिक्षण संस्थाओं को अनुमति देने के पूर्व यह सुनिश्चित किये जाने की आवश्यकता है कि विदेशी संस्थाओं द्वारा भारतीय संस्कृति एवं परम्पराओं को उनके द्वारा संरक्षण दिया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications