गैस त्रासदी : मृतकों के आश्रितों को 10 लाख रुपये दिए जाएं
उन्होंने भोपाल के सभी 56 वाडरें के पीड़ितों के लिए यह राहत राशि मांगी है।
गृहमंत्री से आधिकारिक चर्चा के बाद मंत्री समूह की बैठक में भी गौर ने इस मांग को जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि दो-तीन दिसंबर 1984 की रात को यूनियन कार्बाइड कारखाने से रिसी गैस ने दुनिया की सबसे बड़ी औ़द्योगिक हादसे का रूप ले लिया। अब तक इससे भोपाल में 15 हजार लोग मारे जा चुके हैं। इतना ही नहीं लाखों लोग आज भी बीमारियों से ग्रसित हैं।
गौर का आरोप है कि केंद्र सरकार ने इस हादसे को उतनी गंभीरता से नहीं लिया, जिसकी जरूरत थी और 1995 की कार्ययोजना के बाद केंद्र सरकार ने किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं की। यह गैस पीड़ितों के साथ अन्याय है वहीं राज्य सरकार अपने सीमित साधनों के आधार पर प्रति वर्ष 45 रुपये इलाज पर व्यय करती है।
गौर ने हादसे के मुख्य आरोपी वारेन एंडरसन के प्रत्यार्पण और उसके खिलाफ मामला चलाने तथा भोपाल में गैस स्मारक की योजना को मंजूर करने की मांग की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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