गैस त्रासदी पर भाजपा करेगी सड़क से संसद तक संर्घष
पॉलीटेक्निक चौराहे पर शुक्रवार को आयेाजित धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि वर्ष 1984 में देश में दो बड़े हादसे हुए थे। इनमें से एक नवम्बर में हुआ सिख विरोधी दंगा था, जो बदले की भावना से हुआ था और उसमें सरकार की साजिश थी। दूसरा भोपाल गैस कांड था जो लापरवाही का नतीजा था। इसके आरोपी को देश से बाहर भगाने के लिए भी साजिश रची गई थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा गैस त्रासदी को लेकर संसद में प्रस्ताव लाएगी साथ ही मांग करेगी कि 1989 में हुए समझौते को रद्द कर नया समझौता किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि 1989 में यूनियन कार्बाइड से हुए समझौते के समय ही तय हो गया था कि पीड़ितों को न्याय नहीं मिलने वाला। ज्ञात हो कि 1989 में भारत सरकार और यूनियन कार्बाइड के बीच अदालत से बाहर करार हुआ था, जिसमें यूनियन कार्बाइड ने 47 करोड़ डॉलर की मुआवजा राशि देना स्वीकार किया थी।
उन्होंने कहा कि गैस पीड़ितों को न्याय और सम्मानजनक जीवन का अवसर दिलाने के साथ-साथ आरोपियों को सजा दिलाने के लिए भाजपा हर संभव कोशिश करेगी।
उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह तथा तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार वारेन एंडरसन को गिरफ्तार करने के कुछ ही देर बाद रिहा कर दिया गया। आरोपी के देश से भागने के लिए दोनों तत्कालीन नेता दोषी हैं।
इस मौके पर पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष प्रभात झा, महासचिव नरेंद्र सिंह तोमर, थावर चंद्र गहलोत के अलावा अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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