पूर्व कर्मचारी ने 17 साल बाद जीती कानूनी जंग
गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार को रजनीकांत पुटनिस के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी से उसका बकाया 18 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने को कहा।
न्यायालय ने कंपनी के वर्ष 1992 के उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें रजनीकांत को समयपूर्व सेवानिवृत्ति दी गई थी। उस समय रजनीकांत विरमानी मिल यूनिट के महाप्रबंधक थे। उनके वकील नागेश सूद ने बताया कि न्यायालय ने कंपनी की कार्रवाई को मनमाना करार दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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