'अपने ही मुल्कों में विस्थापित हैं 2.7 करोड़ बाशिंदे'
जेनेवा, 16 जून (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र संघ का कहना है कि दुनिया भर में 2.71 करोड़ लोग अपने ही देशों में विस्थापित जीवन बिताने को विवश हैं।
समाचार एजेंसी डब्ल्यू ए एम के अनुसार पाकिस्तान, सोमालिया और कांगो में चल रहे संघर्ष की वजह से वर्ष 2009 में विस्थापितों की संख्या में चार फीसदी का इजाफा हुआ।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचआरसी) की ओर से मंगलवार को पिछले साल से जुड़ी 'ग्लोबल ट्रेंड' रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में शरणार्थियों की संख्या अभी भी 1.52 करोड़ है।
यूएनएचआरसी ने कहा कि साल 2009 में सिर्फ 251,000 शरणार्थी अपने मुल्कों में लौट सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादातर शरणार्थी विकासशील देशों में रह रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बीते एक दशक के दौरान कम से कम 13 लाख शरणार्थियों को बसाया गया है और सबसे ज्यादा शरणार्थियों को पनाह अमेरिका में मिली है।
संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी मामलों के उच्चायुक्त एंटोनियो गुटर्स ने कहा, "अफगानिस्तान, सोमालिया और कांगो में चल रहा संघर्ष फिलहाल खत्म नहीं होता दिख रहा। इसी वजह से बीते साल विस्थापितों की संख्या में इजाफा हुआ और पुनर्वसन का काम तेजी से नहीं हो सका।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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