ग्रामीण नवयुवतियों को 1 रुपये में मिलेगा सैनिटरी नैपकिन
मंत्रालय ने राष्ट्रीय ग्रमीण स्वास्थ्य मिशन के तहत 150 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। यह मिशन वर्ष 2005 में ग्रामीण क्षेत्र के लागों को कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए शुरू किया गया था।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे की नवयुवतियों को एक रुपये में उच्च गुणवत्ता वाले छह सैनिटरी नैपकिनों का एक पैकेट मुहैया कराया जाएगा। गरीबी रेखा से ऊपर की नवयुवतियों से इसके लिए पांच रुपये लिए जाएंगे।
देश के 235 जिलों को 'संकेंद्रित जिले' के रूप में पहचान की गई है और इसके लिए कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जाएगी।
योजना को तीन चरणों में अमल में लाया जाएगा।
पहले वर्ष 150 जिलों में कार्यक्रम चलाया जाएगा जो देश का 25 प्रतिशत है। इसके तहत दक्षिणी राज्यों- महाराष्ट्र एवं गुजरात के जिले और उत्तरी, केंद्रीय एवं उत्तरी-पूर्वी राज्यों के 120 जिले शामिल किए जाएंगे।
पहले चरण में गरीबी रेखा के नीचे की लगभग 30 प्रतिशत यानी 1.5 करोड़ नवयुवतियों को योजना का लाभ मिलने की संभावना है।
यह फैसला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ग्रमीण स्वास्थ्य मिशन के परिचालन समूहों की बैठक में लिया गया।
बैठक में मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल, ग्रामीण विकास मंत्री पी.सी. जोशी और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने भी भाग लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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