एंडरसन को दबाव में छोड़ा गया था : सुरेंद्र सिंह
भोपाल गैस त्रासदी पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी का फैसला आने के 10 दिन बाद मीडिया के सामने आए सुरेंद्र सिंह ने एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा है कि दो-तीन दिसम्बर 1984 को हुए गैस रिसाव में हजारों लोग मारे गए थे। इस मामले में शुरुआत में रख रखाव में लापरवाही बरतने पर धारा 304 ए के तहत विधि सम्मत मामला दर्ज किया गया था। बाद में जांच में आए तथ्यों के आधार धारा 304 बी को जोड़ा गया था।
एंडरसन को गिरतारी के कुछ ही देर बाद छेाड़े जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सब प्रशासनिक दबाव या यूं कहें कि यह प्रशासनिक कार्रवाई के क्रम में हुआ था। उन्होंने आगे कहा कि गिरफ्तारी के बाद एंडरसन को भोपाल में रखा जाना ठीक नहीं था क्योंकि हर तरफ तनाव और लोगों में आक्रोश था।
एंडरसन को जमानत के लिए न्यायालय में पेश किए जाने की बजाय थाने से ही छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक दबाव था।
ठाकुर ने हादसे की रात का जिक्र करते हुए बताया कि पुराने भोपाल के कई इलाकों मे सिर्फ कोहरा सा नजर आ रहा था और लोग बदहवास भागे जा रहे थे। वह चलचित्र आज भी उनकी आंखों के सामने उभर आता है। महिलाएं अपने बच्चों को लिए भागे जा रही थी। किसी के चार में से दो बच्चे उसके साथ थे तो दो की उसे खबर ही न थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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