जनआक्रोश से सुलगता कश्मीर 'शांति की ओर उन्मुख'!
नई दिल्ली। आए दिन जनता के प्रदर्शनों और आंदोलनों से सुलगते कश्मीर में शांति की बात सुनना आश्चर्यजनक लगता है। लेकिन जम्मू एवं कश्मीर के पुलिस प्रमुख कुलदीप खोड़ा कहते हैं कि "वर्तमान में जम्मू एवं कश्मीर में महज 500 आतंकवादी ही सक्रिय हैं। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 700 से 800 था जबकि 2008 में यह आंकड़ा 1000 था।"
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राज्य में सिर्फ 500 आतंकवादी ही सक्रिय हैं। इनमें से 40 फीसदी विदेशी हैं। उनका मानना है कि आतंकवाद प्रभावित इस राज्य में पिछले तीन वर्षो में हिंसा के मामलों में कमी आई है और अब यहां शांति बहुत दूर नहीं है। उन्होंने कहा कि इनमें से 40 फीसदी आतंकवादी विदेशी हैं। वह भी पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के। हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों के आतंकवादी ही यहां सक्रिय हैं। इन संगठनों का आधार पाकिस्तान में हैं।।
उन्होंने कहा, "वर्ष 2007 में हिंसा की घटनाओं में 20 फीसदी, 2008 में 28 फीसदी और 2009 में 30 फीसदी कमी आई। गत वर्ष आतंकवाद संबंधी वारदातों में सबसे कम नागरिकों की मौत हुई।" उन्होंने कहा, "हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उम्मीद करते हैं कि हिंसा के मामलों में और कमी आएगी।"
खोड़ा ने हालांकि यह स्वीकार किया कि सीमा पार से घुसपैठ के मामलों में कोई कमी नहीं आई है। "घुसपैठ तो जारी है लेकिन गत वर्ष की अपेक्षा इसमें कमी आई है। सीमा पार से घुसपैठ कराने वालों की सोच में कोई परिवर्तन नहीं आया है।" उन्होंने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान द्वारा आतंकवादियों को सहयोग देना जारी है। उन्हें पाकिस्तान में प्रशिक्षण और संसाधन मिल रहे हैं।












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