कोल इंडिया, हिंदुस्तान कॉपर के विनिवेश को मंजूरी (लीड-1)
इसके अलावा सरकार ने हिन्दुस्तान कॉपर की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी नए शेयरों के रूप में आम निवेशकों को जारी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि, "कोल इंडिया की हिस्सेदारी बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के तहत घरेलू बाजार में बेची जाएगी"।
उन्होंने कहा, "कोल इंडिया की एक फीसदी हिस्सेदारी कंपनी और इसकी सहयोगी आठ कंपनियों के कर्मचारियों को बेची जाएगी। इन कर्मचारियों को शेयर मूल्य में पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी।"
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में छोटे निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी इसी तरह की रियायत दी जाएगी। इस विनिवेश के बाद इन कंपनियों में सरकार की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से कम हो जाएगी।
कोयले और कोयले से संबंधित उत्पादों का उत्पादन एवं विपणन करने वाली नवरत्न कंपनी कोल इंडिया की कुल चुकता पूंजी (पेड अप कैपिटल) 6,316 करोड़ रुपये है और इसमें सरकार की हिस्सेदारी 100 प्रतिशत है।
हिंदुस्तान कॉपर के मामले में सरकार ने दो निर्णय लिए हैं पहला सरकार ने में इसमें अपनी 99.59 प्रतिशत हिस्सेदारी में से 10 प्रतिशत हिस्सेदारी के विनिवेश को मंजूरी दी है और दूसरा कंपनी की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी को पूंजी निर्माण के लिए नए शेयर जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसके चलते कंपनी 92.52 करोड़ शेयर खुले बाजार में नई हिस्सेदारी के रूप में जारी करेगी और सरकार इसमें अपने 92.52 करोड़ शेयरों का विनिवेश करेगी।
कंपनी के कर्मचारियों को शेयर के मूल्य पर पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी। हिंदुस्तान कॉपर की चुकता पूंजी फिलहाल 462.61 करोड़ रुपये है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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