ब्रॉडबैंड स्पैक्ट्रम नीलामी से 38,000 करोड़ रुपये मिले
नई दिल्ली। ब्रॉडबैंड वायरलैस एक्सेस (बीडब्ल्यूए) सेवाओं के लिए स्पैक्ट्रम नीलामी की प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी हो गई। बोली से सरकार को 38,543.31 करोड़ रुपये (8.56 अरब डॉलर से अधिक) का राजस्व प्राप्त हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पूरे देश में सेवा के लिए लाइसेंस की बोली 12,847.77 करोड़ रुपये (2.85 अरब डॉलर) लगाई गई। कुल 16 दिनों तक चली इस नीलामी प्रक्रिया में 11 कंपनियों ने हिस्सा लिया।
पूरे देश में सेवा के लिए लाइसेंस की बोली 24 मई से शुरू हुई नीलामी प्रक्रिया में सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम कीमत 1,750 करोड़ रुपये से 634 प्रतिशत ज्यादा कीमत में लगाई गई है। शुक्रवार को 117 दौर पूरे होने के बाद बीडब्ल्यूए नीलामी की प्रक्रिया समाप्त घोषित की गई। इस दौरान देश के सभी 22 सर्किलों के लिए स्पैक्ट्रम की दो-दो श्रेणियों के लिए ऑनलाइन बोली लगाई गई।
इससे पहले सरकार को तीसरी पीढ़ी (3जी) की दूरसंचार सेवाओं के लिए स्पैक्ट्रम की नीलामी से 67,719 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। बीडब्ल्यूए नीलामी से मिले राजस्व को जोड़ने पर सरकार का कुल राजस्व 1.06 लाख करोड़ रुपये हो गया है। देश में मोबाइल और लैपटॉप कम्प्यूटरों पर वायरलैस इंटरनेट सेवा देने के लिए 'वर्ल्डवाइड इंटरऑपरेबिलिटी फॉर माइक्रोवेव एक्सेस' (वाइमैक्स) सेवाओं हेतु कंपनियों को बीडब्ल्यूए स्पैक्ट्रम प्राप्त करना जरूरी है।
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दूरसंचार विभाग की वेबसाइट के मुताबिक मंबई और दिल्ली के सर्किलों के लिए सबसे ज्यादा बोली लगी है। मुंबई के लिए बोली 2,292.95 करोड़ रुपये और दिल्ली की बोली 2,241.02 करोड़ रुपये लगाई गई है। इस स्पैक्ट्रम को पाने के बाद कंपनियां तेज गति वाली इंटरनेट, इंटरनेट टेलिफोनी और इंटरनेट टेलिविजन की सेवाएं शुरू कर सकती हैं। इसका उपयोग दूरसंचार एवं डाटा ट्रांसफर सुविधाओं के लिए भी किया जा सकेगा।
इस नीलामी में भारती एयरटेल, रिलायंस वाइमैक्स, आइडिया सेल्युलर, एयरसेल, ऑगर मारीशस लिमिटेड, इंफोटेल ब्राडबैंड सर्विसेज, क्वालकॉम, स्पाइस इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर, टाटा कम्युनिकेशन्स इंटरनेट सर्विसेज, टिकोना डिजिटल नेटवर्क्स और वोडाफोन एस्सार ने हिस्सा लिया।
महानगर दूरसंचार निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) और भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को 20 मेगाहट्र्ज के एक-एक ब्लाक पहले ही दिए जा चुके हैं। इन दोनों कंपनियों को जीतने वाली कंपनी द्वारा लगाई गई बोली के बराबर धन का भुगतान करना होगा। दूरसंचार विभाग के मुताबिक बोली जीतने वाली कंपनियां तत्काल ही इन स्पैक्ट्रमों का व्यावसायिक उपयोग शुरू कर सकती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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