किसी मंत्री ने एंडरसन को प्रश्रय नहीं दिया : सोनी (लीड-1)
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने पत्रकारों से कहा, "ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है जिससे यह साबित हो कि एंडरसन के देश छोड़ने में किसी केंद्रीय मंत्री ने सहयोग किया था।"
उन्होंने कहा, "सच्चाई यह है कि भोपाल त्रासदी मामले में सरकार ने मंत्रियों के समूह का गठन किया है जो इस मुद्दे पर सरकार की गंभीरता को दिखाता है। कानून मंत्रालय ने बिना किसी विलंब के इस मसले पर बयान दिया है। समिति अपनी रिपोर्ट देगी इसके बाद हम देखेंगे कि कैसे आगे बढ़ना है।"
सोनी ने हालांकि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया कि एंडरसन को अमेरिकी दबाव में छोड़ा गया था।
उन्होंने कहा, "मैं इस पर टिप्पणी करना नहीं चाहूंगी।"
एंडरसन को सात दिसंबर 1984 को गिरफ्तार किया गया था लेकिन उसे भोपाल की एक अदालत से तुरंत जमानत मिल गई और इसके बाद वह राज्य सरकार के एक विमान से दिल्ली आ गया। दिल्ली से उसने विदेश की एक उड़ान पकड़ ली।
इस बीच गुरुवार को भोपाल में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के एक निदेशक और पायलट ने दावा किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से एंडरसन को दिल्ली पहुंचाने के लिए कहा गया।
तत्काली उड्डयन निदेशक आर.एस. सोढ़ी ने कहा, "हमें मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आया और एक उड़ान की व्यवस्था करने को कहा गया।"
वरिष्ठ कांग्रेस नेता अर्जुन सिंह उस राज्य के मुख्यमंत्री थे और उनके मंत्रिमंडल में दिग्विजय सिंह कृषि मंत्री थी।
दिग्विजय सिंह 1993 से 2003 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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