तमिलों के मसले पर प्रधानमंत्री और राजपक्षे में चर्चा
नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के साथ बातचीत में उन्हें विस्थापित तमिलों की तकलीफों के मसले पर भारतीय चिंताओं से अवगत कराया और दशकों पुरानी जातीय समस्या के राजनीतिक समाधान पर जोर दिया।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं ने आर्थिक संबंधों के विस्तार, विकास और आतंकवाद निरोधक गतिविधियों में सहयोग बढ़ाने सहित द्विपक्षीय और अंतर्राष्ट्रीय मसलों पर भी चर्चा की।
राजपक्षे की भारत की राजकीय यात्रा राष्ट्रपति भवन में रस्मी स्वागत से शुरू हुई। विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने राजपक्षे से भेंटकर संघर्ष में विस्थापित हुए करीब 300,000 तमिलों के पुनर्वास और तमिल तथा मुस्लिम अल्पसंख्यकों के राजनीतिक पुनर्वास से जुड़े मसलों पर चर्चा की।
राजपक्षे चार दिन की भारत यात्रा पर मंगलवार शाम को यहां पहुंचे। जनवरी में राष्ट्रपति पद पर दोबारा निर्वाचित होने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है।
श्रीलंका में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे)का सफाया हो जाने के एक साल बाद भी करीब 80,000 विस्थापित तमिल राहत शिविरों में ही रह रहे हैं।
श्रीलंका सरकार ने लिट्टे के खात्मे के बाद छह महीने के भीतर सभी तीन लाख तमिल विस्थापितों के पुनर्वास का वादा किया था लेकिन अब उसने अगस्त तक राहत शिविरों को बंद करने की समयसीमा तय की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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