भोपाल गैस त्रासदी: केंद्र और राज्य स्तर पर समितियों का गठन (लीड-1)
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने त्रासदी के पीड़ितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त मंत्रियों के एक समूह (जीओएम) का पुनर्गठन किया है, जबकि फैसले की समीक्षा और इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांच सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की है।
चौहान द्वारा सीजेएम न्यायालय के फैसले की चुनौती देने के लिए बनाई गई पांच सदस्यीय समिति में विवेक तन्खा, आर. डी. जैन, ए. के. मिश्रा, आनंद मोहन माथुर और शांति लाल लोढा शामिल हैं। यह समिति न्यायालय के फैसले की समीक्षा के बाद 10 दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट दे देगी, जबकि 30 दिन में कानूनी पक्ष निर्धारित करते हुए यह बताएगी कि फैसले को किस तरह चुनौती दी जाए।
इस बीच अमेरिकी कांग्रेस के एक प्रभावी सदस्य और 'भारतीय अमेरिकी लॉबी' के संस्थापक फ्रैंक पैलोन जूनियर ने कहा है कि वर्ष 1984 की इस औद्योगिक त्रासदी के लिए जिम्मेदार वारेन एंडरसन और अन्य अमेरिकों को भारत को प्रत्यर्पित कर देना चाहिए।
पैलोन ने कहा कि यूनियन कार्बाइड कंपनी के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी वारेन एंडरसन 20 हजार से अधिक लोगों की मौत का जिम्मेदार है। यह आदमी अमेरिका में रहता है और इसे अभी भी न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाना है।
उन्होंने कहा, "दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक भोपाल गैस कांड के लिए जिम्मेदारों को केवल दो-दो साल की सजा अपमानजनक है। इस त्रासदी के लिए वारेन एंडरसन सहित जो लोग जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ भारत में मुकदमा चलना चाहिए और उन्हें ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो इस त्रासदी के पीड़ितों की दर्द को बयां करे।"
पैलोन ने कहा, "वारेन एंडरसन को निश्चित तौर पर भारत को सौंपना चाहिए और उसके अपराधों की सजा मिलनी चाहिए।"
भोपाल में 25 साल पहले हुए गैस हादसे पर 23 साल से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में चल रहे प्रकरण पर सोमवार को फैसला आया था। इस फैसले में सात आरोपियों को दो-दो साल की कैद और एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही कंपनी यूनियन कार्बाइड इंडिया पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस फैसले को लेकर पिछले दो दिनों में खासी तीखी प्रतिक्रिया हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications