राजस्थान में राज्यसभा चुनाव में रोचक मुकाबला

जयपुर। राजस्थान में राज्यसभा की चार सीटों पर होने वाले चुनाव में पांच उम्मीदवारों के मैदान में आ जाने से मुकाबला रोचक हो गया है। वर्तमान राज्यसभा सांसद संतोष बागड़ोदिया ने पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भर दिया।

संसदीय सचिव ब्रह्मदेव कुमावत, कन्हैया लाल झंवर और दिलीप चौधरी ने बागड़ोदिया का नाम प्रस्तावित किया। इसके बाद राज्य में 17 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव का समीकरण बदलता नजर आ रहा है।

संतोष बागड़ोदिया के मैदान में आ जाने से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी राम जेठमलानी के लिए मुश्किल होने की आशंका बढ़ गई है। भाजपा ने बागड़ोदिया के नामांकन को कांग्रेस की चाल बताया है। पहले चारों सीटों पर कांग्रेस व भाजपा के दो-दो प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने के आसार थे, लेकिन अब इन सीटों के लिए 17 जून को चुनाव होना तय माना जा रहा है।

क्लिक करें- राजस्‍थान की अन्‍य खबरें

बागड़ोदिया के चुनाव मैदान में आने से निर्विरोध निर्वाचन की संभावनाएं भी लगभग समाप्त हो गई हैं। दस जून को नाम वापसी तक वर्तमान तस्वीर में बदलाव नहीं हुआ तो चार सीटों के लिए मतदान ही एकमात्र रास्ता बचेगा। हालांकि उप निर्वाचन वाली पांचवीं सीट के लिए केवल कांग्रेस के नरेंद्र बुढ़ानिया का पर्चा ही दाखिल होने से उनका निर्विरोध निर्वाचन तय है।

राजस्थान में राज्यसभा के लिए जिन पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं, उनमें कृष्णलाल वाल्मीकि के निधन के कारण खाली हुई सीट के लिए उपचुनाव वाली है और उस पर बुढ़ानिया के सामने भाजपा ने अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है।

राज्यसभा के लिए होने वाले इन चुनावों में दलीय स्थिति के अनुसार निर्वाचन होना है। कांग्रेस के आनंद शर्मा व अश्क अली टांक का चुना जाना लगभग तय है। कांग्रेस के पास स्वयं के 102 वोट हैं और इन उम्मीदवारों को दो सौ की सदस्य संख्या के हिसाब से प्रथम वरीयता के 41-41 वोट चाहिए।

कांग्रेस के पास इसके बाद भी बीस वोट प्रथम वरीयता के बचते हैं। बागड़ोदिया को इन्हीं वोटों के साथ निर्दलीय व अन्य दलों की गणित के हिसाब से कांग्रेस ने मैदान में उतारा है, हालांकि पर्चा उन्होंने निर्दलीय के रूप में भरा है।

क्लिक करें- देश दुनिया की ताज़ा खबरें

बागड़ोदिया की जीत की जुगाड़ में जुटे लोगों के अनुसार कांग्रेस के बीस, निर्दलीय 13, सपा, लोसपा व जदयू के एक-एक वोट के साथ माकपा के तीन वोटों की गणित जोड़कर अपने समर्थन में 39 का प्रथम वरीयता का समर्थन मानकर चल रहे हैं। हालांकि माकपा ने कांग्रेस-भाजपा दोनों ही दलों के उम्मीदवारों को वोट नहीं देने की घोषणा कर रखी है। सात से अधिक भाजपा विधायकों से संपर्क की बात भी की जा रही है।

दूसरी तरफ, भाजपा की दलीय स्थिति के अनुसार उसके 79 वोट हैं और वीपी सिंह को पार्टी ने प्रथम वरीयता में रखा है। उन्हें प्रथम वरीयता वाले 41 वोट मिलने के बाद 38 वोट भाजपा के पास जेठमलानी के लिए बचते हैं। भाजपा और स्वयं जेठमलानी भी आश्वस्त हैं कि दो से तीन वोटों की कमी की पूर्ति हो जाएगी।

इससे पहले राज्यसभा चुनाव के पांचों प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी और वी.पी. सिंह ने पर्चा भरा। जबकि कांग्रेस की ओर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा, अश्क अली टांक व नरेंद्र बुढ़ानिया ने नामांकन दाखिल किया। सभी उम्मीदवार सोमवार को विधानसभा पहुंचे और अपना नामांकन दाखिल किया।

नामांकन के समय कांग्रेसी उम्मीदवारों के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और केंद्रीय पंचायती राज मंत्री सी.पी. जोशी मौजूद थे। वहीं राम जेठमलानी और वी. पी. सिंह के साथ भाजपा महासचिव वसुंधरा राजे और पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी मौजूद थे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+