न्यायिक प्रक्रिया की समीक्षा की जरूरत : मोइली
मोइली ने समाचार चैनल एनडीटीवी से कहा, "केवल प्रतिक्रिया और चर्चा नहीं होनी चाहिए बल्कि कानून, न्याय और निवारक विधियों के लिए संगत व्यवस्था होनी चाहिए।"
भोपाल की एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को भोपाल गैस त्रासदी मामले में आठ लोगों को दोषी ठहराया था और दो-दो साल की कैद की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद अदालत ने सभी दोषियों को जमानत दे दी थी।
मोइली ने कहा, "मैं कहना चाहूंगा कि वह समय आ गया है जब पूरी न्याय व्यवस्था की समीक्षा की जाए। जांच की पूरी प्रक्रिया और कानून की पूरी प्रक्रिया को शामिल किया जाए।"
कानून मंत्री ने कहा कि कानून का कोई भय नहीं है। गलत करने का कोई भय नहीं है। कुछ जान-बूझकर हो रहा है या कुछ हमारी कमियों की वजह से।
उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा मिले और पीड़ित को ठीक तरीके से मुआवजा, इसके लिए एक व्यापक कानून की जरूरत है।
मोइली ने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी में आया फैसला केवल फैसले में देरी का नहीं बल्कि न्याय को दफन करने वाला है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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