शादीशुदा युवती रहेगी प्रेमी के साथ
इसकी ऐवज में लड़का-लड़की को जहां गांव छोड़ना होगा, वहीं प्रेमी पक्ष को पति पक्ष को शादी में आए खर्चे के तौर पर पैसा भी देना होगा।
जनपद के चरथावल थाना क्षेत्रा के गांव कसियारा में यह पंचायत रीना और उसके पति अनुज के वैवाहिक संबंधों को लेकर फैसला देने के लिए बैठी थी। मामले के अनुसार इस गांव में एक साल पहले रीना की शादी अनुज से हुई थी।
बीते 24 अप्रैल को उसकी एक आठ माह की लड़की ने बीमारी के चलते दम तोड़ दिया था। बेटी के मरने के बाद ही वह अचानक गांव से गुम हो गई। बाद में पता चला कि उसका अपने पति के रिश्ते के भाई नीरज से ही प्रेम प्रसंग था और वह उसके साथ गई थी। आरोप है कि इसी मामले के चलते उसने घर छोड़ा था।
इस संबंध में धारा 498 के तहत चरथावल में मामला दर्ज किया गया था। अब 4 जून को सीजेएम कोर्ट में रीना के बयान दर्ज हुए, जिसमें उसने पति व प्रेमी किसी के साथ भी जाने की इच्छा व्यक्त नहीं की थी। न्यायालय ने ऐसी स्थिति में उसकी इच्छा पर उसकी महिला मित्र नेहा की सुपुर्दगी में दे दिया था। शनिवार को इस गांव में मामले के निस्तारण के लिए पंचायत हुई और बिरादरी के सरपरस्तों ने काफी देर तक इस पर चिंतन किया। पंचायत ने रीना को बुलाकर उसकी इच्छा पूछी तो उसने दो टूक कहा कि वह अपने प्रेमी नीरज के साथ ही आगे का जीवन बिताना चाहती है।
पंचायत के पंचों ने मामले पर फैसला दिया कि रीना को अब नीरज के साथ आजादी से रहने की अनुमति है लेकिन दोनों को गांव छोड़ना होगा और प्रेमी पक्ष को पति अनुज पक्ष को उसकी शादी में आये खर्च करीब 3 लाख रुपये व अन्य रकम देनी होगी।
पंचायत ने कहा कि वह न्यायालय के माध्यम से भी इस तरह के लिखित फैसले की स्वीकृति रीना के तलाक के शीघ्र निस्तारण की अपील हेतु कार्रवाई कराएंगे, जिससे कि पंचायत के फैसलों पर उंगली न उठे। पंचायत के एक पंच सुधीर ने बताया कि पंचायत का फैसला सर्वमान्य है। लड़की अपनी इच्छा से अपने प्रेमी नीरज के साथ विधिवत कानूनी रूप से रहना चाहती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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