विकास के लिए महत्वपूर्ण है जैव विविधता : कलाम
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में कलाम ने कहा, "देश की जैव विविधता एक ऐसी प्रमुख योग्यता है जिसे पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सशक्तीकरण और आर्थिक विकास के त्रिकोणीय विकास मिशन को प्राप्त करने का आधार बनाया जा सकता है।"
संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2010 को 'अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता वर्ष' घोषित किया है और इस साल के पर्यावरण दिवस का विषय है, 'जैव विविधता : प्रकृति के साथ संपर्क'।
देश की समृद्ध जैव विविधता का जिक्र करते हुए कलाम ने कहा, "दुनियाभर के भू क्षेत्र के केवल 2.4 प्रतिशत हिस्से में भारत है लेकिन विश्व जैव विविधता में इसका योगदान प्रजातियों की कुल संख्या का आठ प्रतिशत है। भारत में जैव विविधता वाले 10 अलग क्षेत्र हैं जहां भूभाग, वर्षा और जलवायु की अलग-अलग स्थितियां हैं।"
उन्होंने कहा, "भारत विश्व की 12 बड़ी विविधताओं में से एक है। पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण शहरों, राज्यों, राष्ट्रों और महाद्वीपों की सीमाओं के परे संपूर्ण मानवता के लिए वास्तव में 21वीं सदी का एक सामूहिक मिशन होगा।"
कलाम ने देश की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाते दो डाक टिकटों का एक सेट भी जारी किया।
इस अवसर पर तीन किताबों 'एनिमल डिस्कवरीज 2009: न्यू स्पीशीज एंड न्यू रिकॉर्ड्स', 'प्लांट डिस्कवरीज 2009: न्यू स्पीशीज एंड न्यू रिकॉर्ड्स' और 'ग्रीन लॉ बुक' का लोकार्पण हुआ।
कलाम ने विभिन्न श्रेणियों के तहत पर्यावरण पुरस्कार भी दिए।
दिल्ली के सेंट थॉमस स्कूल की दसवीं की छात्रा इशिता विष्णोई को जैव विविधता पर आधारित लिखित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विजेता रहने के लिए 'यंग एनवायरॉनमेंट' पुरस्कार दिया गया।
वर्गीकरण के लिए दिया जाने वाला जानकी अमाल राष्ट्रीय पुरस्कार पौधों के वर्गीकरण के लिए वी. जयचंद्रन नायर और पशुओं के वर्गीकरण के लिए रामकृष्ण को दिया गया।
पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता में योगदान के लिए ईशा फाउंडेशन को इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार दिया गया।
समारोह में पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश मौजूद नहीं थे। रमेश राज्यसभा के लिए नामांकन के सिलसिले में आंध्र प्रदेश में हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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