इजरायल ने गाजा जा रहे जहाज पर कब्जा किया (लीड-2)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार प्रवक्ता ने बताया, "जहाज पर चालक दल की स्वीकृति से कब्जा किया गया है। कोई हताहत नहीं हुआ है।"
राशेल कोरी नाम के इस जहाज ने इजरायली नौसेना का हुक्म ठुकराते हुए गाजा पट्टी की जगह अशदोद बंदरगाह की ओर मुड़ने से इंकार कर दिया था। उसके बाद शनिवार तड़के से ही इजरायली जहाज राशेल कोरी का पीछा कर रहे थे।
इजरायली नौसेना ने जहाज के साथ संपर्क करके सुबह चेतावनी दी थी कि अगर उसे अशदोद बंदरगाह का रुख न किया तो उस पर कब्जा हो सकता है।
प्रवक्ता ने बताया कि जहाज ने नौसेना के चार अनुरोधों को ठुकरा दिया। इजरायली नौसेना ने राशेल कोरी को संदेश दिया, "यह इजरायली नौसेना है। आप नौसेना की घेराबंदी वाले संघर्ष क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं। गाजा क्षेत्र, तटीय क्षेत्र और गाजा बंदरगाह हर तरह के नौवहन यातायात के लिए बंद है। इजरायली सरकार गाजा पट्टी की नागरिक आबादी के लिए राहत आपूर्ति के पक्ष में है और आपको अशदोद बंदरगाह पर आने का आमंत्रण देती है।"
फ्री गाजा आर्गेनाइजेशन ने प्रवक्ता ने बताया कि तट से कई किलोमीटर की दूरी पर इजरायली नौसेना के तीन जहाजों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया।
जहाज में सवार कार्यकर्ताओं ने अशदोद बंदरगाह पर लंगर डालने की आयरलैंड के विदेश मंत्री माइकल मार्टिन की मध्यस्थता की कथित योजना ठुकरा दी है। उन्होंने कहा था कि सारी सहायता सामग्री अशदोद बंदरगाह पर उतारी जाए और जांच के बाद उसे आगे भेजा जाए।
जहाज ने इस अनुरोध को ठुकराते हुए गाजा की ओर बढ़ने पर जोर दिया।
इजरायली विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा था कि इस जहाज को नौसैनिक घेराबंदी तोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "हमास की मौजूदगी की वजह से गाजा अभी तक युद्ध क्षेत्र है और वहां अभी तक नाकेबंदी है।"
इससे पहले सोमवार को इजरायली नौसेना ने 700 से ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय कार्यकर्ताओं को ले जा रहे छह जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसमें नौ कार्यकर्ता मारे गए थे। उसकी इस कार्रवाई की दुनिया भर में आलोचना की गई थी।
इजरायल ने जून 2006 को गाजा पट्टी की घेराबंदी की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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