'पूर्वोत्तर के आतंकियों के नक्सलियों से संबंधों के सबूत'
शिलांग, 5 जून (आईएएनएस)। गृह सचिव जी.के. पिल्लै ने शनिवार को कहा कि नक्सलियों के पूर्वोत्तर क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादियों से संबंध स्थापित करने के साक्ष्य मिले हैं।
उन्होंने कहा, "हमारे पास इस बात के प्रमाण हैं कि नक्सली पूर्वोत्तर क्षेत्र में आए थे और उन्होंने आतंकी गुटों के साथ संबंध स्थापित करने की कोशिश की है।"
नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड के इसाक-मुइवा गुट (एनएससीएन-आईएम) के नेता टी. मुइवा ने स्वीकार किया है कि नक्सलियों ने उनसे संपर्क साधने की कोशिश की थी। खूफिया सूत्र बताते हैं कि इस शक्तिशाली नागा अलगाववादी गुट ने म्यांमार और बांग्लादेश से हथियारों की तस्करी में नक्सलियों की मदद की थी।
नक्सलियों ने प्रतिबंधित 'युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम' (उल्फा) और मणिपर के 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' से भी संबंध स्थापित किए हैं।
बढ़ते नक्सली खतरे से निपटने के लिए सेना की तैनाती के संबंध में पूछे जाने पर पिल्लै ने कहा, "हम सेना भेजने की बजाए प्रशासन में मौजूद खामियों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं और हम धीरे-धीरे उन क्षेत्रों में जनजातीय लोगों का विश्वास दोबारा प्राप्त कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि सरकार इन गांवों को नक्सलियों के प्रभुत्व समाप्त करने में कामयाब रही है और छत्तीसगढ़ के कांकेर व बस्तर क्षेत्र में धीरे-धीरे विकास कार्य गति पकड़ रहे हैं।
पिल्लै ने कहा कि वह जानते हैं कि यह बहुत छोटी उपलब्धि है लेकिन जहां तक इस समस्या से निपटने के दीर्घकालिक समाधान और जनजातीय लोगों का विश्वास वापस जीतने का सवाल है तो इसकी शुरुआत अच्छी रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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