नक्सलियों के डर से सैकड़ों ने गांव छोड़ा
रायपुर, 5 जून (आईएएनएस)। नक्सलियों द्वारा पुलिस का मुखबिर करार दिए जाने के बाद छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में 35 परिवारों के करीब 150 लोग अपना पैतृक गांव छोड़ कर जा चुके हैं।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि नक्सलियों ने इन ग्रामीणों का सफाया करने की धमकी दी थी। 40 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले नक्सल प्रभावित बस्तर के मोहला गांव से अपना सामान समेटकर जाने वाले इन लोगों में ज्यादातर जनजातीय लोग हैं। बस्तर क्षेत्र में बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक अजय यादव ने फोन पर आईएएनएस को बताया, "ग्रामीण डरे हुए हैं। नक्सलियों के उन्हें पुलिस का मुखबिर बताने और उनके सफाए की धमकी दिए जाने के बाद उन्होंने गांव खाली कर दिया है।"
उन्होंने बताया कि ये परिवार 25 किलोमीटर का रास्ता तय कर गुरुवार रात अपने सामान के साथ पैदल पखांजूर गांव पहुंचे।
स्थानीय अधिकारियों ने एक शासकीय स्कूल में इन लोगों के रहने की अस्थायी व्यवस्था कर दी है और उन्हें भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
यादव ने कहा, "नक्सलियों ने पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान जासूसी के आरोप में कांकेर जिले के आंतरिक हिस्से में कुछ लोगों की हत्या कर दी थी।"
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में इस साल नक्सलियों की हिंसा बढ़ी है, खासकर नक्सलियों के गढ़ बस्तर में हिंसा काफी बढ़ गई है।
पिछले दो महीने के दौरान राज्य में नक्सली हिंसा की 28 घटनाएं हुई हैं। इनमें छह अप्रैल को 76 सुरक्षाकर्मियों की हत्या और 17 मई को एक बारूदी सुरंग फटने से हुए विस्फोट में एक यात्री बस के उड़ने के साथ 30 से ज्यादा विशेष पुलिस अधिकारियों और नागरिकों के मारे जाने की घटना शामिल है। ये दोनों ही घटनाएं दंतेवाड़ा जिले में हुई थीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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