भारत में आने वाली है एनीमेशन क्रांति: 'टून बूम'
गुरमुख सिंह
टोरंटो, 5 जून (आईएएनएस)। भारत में एनीमेशन की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी कनाडाई एनीमेशन कंपनी 'टून बूम' का कहना है कि जल्द ही इस दक्षिण एशियाई देश में एक एनीमेशन क्रांति देखने को मिलेगी।
'टून बूम' ने भारत में एनीमेशन उद्योग की शुरुआत में अहम योगदान दिया है और कंपनी के वैश्विक कारोबार का एक तिहाई हिस्सा भारत में ही होता है।
'टून बूम' की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जोएन वोजेलसैंग ने यहां आईएएनएस से कहा, "इस समय ज्यादातर भारतीय स्टूडियो या तो सह-निर्माण में काम कर रहे हैं या अपने काम को बाहर भेज रहे हैं लेकिन अगले कुछ साल में आप स्थानीय स्तर पर बने विश्व स्तरीय एनीमेशन कार्यक्रम देखेंगे जो भारतीय एनीमेशन उद्योग को आगे बढ़ाएंगे। भारत में निर्मित यह कार्यक्रम इतनी उच्च गुणवत्ता के होंगे कि अमेरिका या यूरोप में इनका निर्यात किया जा सकेगा।"
उन्होंने कहा कि इस समय भारत इस क्षेत्र में प्रशिक्षित लोगों की कमी से जूझ रहा है लेकिन उनकी कंपनी की मुंबई की व्हीस्लिंग वूड्स, एप्टेक और हैदराबाद की स्टार फीचर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से साझेदारी के बाद 'टून बूम' प्रौद्योगिकी हजारों भारतीय स्कूलों तक पहुंच जाएगी।
मोंट्रियल की 'टून बूम' कंपनी दुनियाभर में एनीमेशन प्रौद्योगिकी की मार्गदर्शक हैं।
डिजनी से लेकर वार्नर ब्रदर्स, यूनीवर्सल, हॉलीवुड और दुनियाभर के सभी बड़े स्टूडियो व टून्ज एनीमेशन इंडिया सहित सभी इस कनाडाई कंपनी के ग्राहक हैं। 'टून बूम' को उसके एनीमेशन कार्य के लिए तीन साल पहले एमी पुरस्कार मिल चुका है।
वोजेलसैंग ने कहा, "हम 120 देशों में हैं लेकिन भारत से हमारे राजस्व का एक तिहाई हिस्सा मिलता है। यह हमारे लिए बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण बाजार है।"
उन्होंने कहा कि भारत में इस समय एनीमेशन दो अरब डॉलर का उद्योग है।
वोजेलसैंग को भारत में एनीमेशन उद्योग की शुरुआत के लिए 2004 में 'फेडरेशन ऑफ इंडियन चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्री' (फिक्की) का 'लाइफटाइम एचीवमेंट' पुरस्कार मिल चुका है। वह कहती हैं कि अगले कुछ साल में भारत एनीमेशन का एक बड़ा बाजार होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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