बैंकों पर कर लगाने की जरूरत नहीं : प्रणब
दक्षिण कोरिया के शहर बुसान में जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में प्रेसीडेंशियल कमेटी के अध्यक्ष सकोंग से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात स्पष्ट की।
इस तरह की कर योजना को संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप द्वारा प्रस्तावित किया गया है। विकासशील देशों समेत ऑस्ट्रेलिया और कनाडा इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि हमारे बैंक 2008-09 के आर्थिक संकट की वजह नहीं रहे हैं इसलिए हमें इस गड़बड़ी का जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
मुखर्जी ने कहा कि भारतीय बैंकिग सिस्टम अपने बेहतरीन नियमन की वजह से संकट के दौर में भी अविचलित बना रहा।
वित्तीय संकट के दौरान भारत के ज्यादातर बैंक इससे अप्रभावित रहे थे जबकि यूरोप और अमेरिका के कई बड़े बैंक सरकारी मदद से सुरक्षित बच पाए।
दक्षिण कोरिया के पूर्व वित्त मंत्री सकोंग और मुखर्जी ने कहा कि वित्तीय संकट के दौरान जी-20 ने आर्थिक संकट से निकलने में बड़ी भूमिका निभाई है, जो कि दुनिया में बदलते शक्ति संतुलन के परिवेश को प्रदर्शित करती है।
दोनों देशों ने उम्मीद जताई कि ग्रीक सहित ऋण संकट से गुजर रहे देशों को एक खरब डॉलर की वित्तीय मदद के बाद अब यूरोप इस संकट से उबर जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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