ग्रामीण महिलाएं तंबाकू सेवन में आगे
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि शहरी क्षेत्र में केवल 0.5 प्रतिशत महिलाएं धूम्रपान करती हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में यह संख्या दो प्रतिशत है।
शहरी क्षेत्रों में लगभग छह प्रतिशत तो ग्रामीण इलाकों में 12 प्रतिशत महिलाएं धुआं रहित तंबाकू का सेवन करती हैं। कुल मिलाकर पूरे भारत में 10 प्रतिशत महिलाएं विभिन्न रूपों में तंबाकू का सेवन कर रही हैं। भारत में हर तीसरा पुरुष और आठ प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक यद्यपि दुनिया भर में 80 प्रतिशत पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं। लेकिन कुछ देशों में महिलाओं में तंबाकू की भयानक रूप से बढ़ रही लत के कारण इस वर्ष का विषय महिलाओं पर केंद्रित है।
दुनिया के लगभग 10 प्रतिशत धूम्रपान करने वाले भारत में हैं। इसके साथ ही तंबाकू सेवन के कारण लगभग 10 लाख लोगों के इस वर्ष देश में मरने की संभावना है।
प्रसिद्ध हृदयरोग विशेषज्ञ बलवीर सिंह के अनुसार भारत के युवाओं में धूम्रपान के कारण हृदयाघात (हार्ट अटैक) का खतरा बढ़ रहा है।
सिंह ने कहा कि आमतौर पर युवा तनाव दूर करने के लिए तंबाकू का सेवन करते हैं। कुछ पलों के लिए तो उन्हें बहुत सुकून महसूस होता है, लेकिन बाद में वे लंबे समय के लिए तनाव मोल ले लेते हैं।
उन्होंने कहा कि धूम्रपान से हृदय की मुख्य रक्तवाहिका बंद हो जाती है और रक्तचाप बढ़ जाता है। इन्हीं कारणों से हृदयाघात होता है।
विश्व तंबाकू दिवस पर इस वर्ष तंबाकू उत्पाद बनाने वाली फैक्ट्रियों में काम करने वाली महिलाओं को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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