सरकार कर सकती है नक्सल निरोधी नीति की समीक्षा
चिदंबरम ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सोमवार को यह संकेत दिए। उनसे पूछा गया था कि क्या नक्सल निरोधी अभियान पर पुनर्विचार करने की सरकार की कोई योजना है।
उन्होंने इसके जवाब में कहा, "मुझे बताया गया है कि जल्द ही सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक होगी।"
पश्चिम बंगाल के झारग्राम में तीन दिन पहले ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पर हुए कथित नक्सली हमले के बाद चिदंबरम ने कहा कि सरकार नक्सलियों से वार्ता को तैयार है बशर्ते कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ें।
उन्होंने कहा, "नक्सली सहित सभी अतिवादी संगठनों से वार्ता की पहली शर्त हिंसा छोड़ना है।"
चिदंबरम ने कट्टरपंथी हिन्दू संगठनों द्वारा कथित तौर पर फैलाए जा रहे आंतकवाद के मसले पर गृह मंत्रालय के अधीन ही अलग से एक इकाई के गठन की संभावना से इंकार किया। उन्होंने कहा, "विभिन्न समूहों द्वारा प्रायोजित आतंकवाद से निपटने के लिए मंत्रालय में ही अलग से इकाई गठित करने की कोई जरूरत नहीं है।"
उन्होंने कहा, "दक्षिणपंथी आतंकवाद और वामपंथी आतंकवाद। आतंकवाद आतंकवाद है। आतंकवाद से जुड़े सभी मामलों की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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