पाटील का भारत-चीन आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने पर जोर (लीड-1)
शंघाई, 31 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने अपने चीन दौरे के आखिरी दिन सोमवार को चीन के साथ आर्थिक संबंधों को प्रगाढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत और चीन को आर्थिक सहयोग के ऐसे आदर्श विकसित करने चाहिए जिससे दोनों के हितों का ध्यान रखा जा सके।
चीन के अपने छह दिवसीय दौरे के अंतिम दिन शंघाई में राष्ट्रपति ने भारत और चीन के कारोबारियों के एक समूह को संबोधित किया। उन्होंने दोनों देशों के उद्यमियों से भारत-चीन आर्थिक रिश्तों को मजबूती देने का आग्रह किया।
पाटील ने कहा, "दीर्घकालिक साझेदारी के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम सहयोग के ऐसे आदर्श विकसित करें जिससे दोनों एक-दूसरे के हितों का ध्यान रख सकें। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारे आर्थिक संबंधों का दायरा बढ़ने के साथ ऐसा ही होगा।"
राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के परस्पर सहयोग के प्रभाव को दुनिया भर में महसूस किया जा सकेगा। उन्होंने कहा, "दोनों के संबंधों में यह क्षमता है कि इस सदी में वे दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों में से एक बन सके।"
भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय कारोबार में वृद्धि का हवाला देते हुए पाटील ने कहा कि इस बात की पूरी संभावना है कि इस साल दोनों के बीच कारोबार 60 अरब डॉलर के लक्ष्य तक पहुंच जाएगा। वर्ष 2000 में दोनों देशों के बीच तीन अरब डॉलर का व्यापार था जो वर्ष 2008 में बढ़कर 52 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
पाटील ने उन भारतीय उद्यमियों की सराहना की जो चीन के प्रतिस्पर्धी बाजार में सफल हुए हैं। उन्होंने कहा, "चीनी बाजारों में भारतीय उद्योग की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए हमें और सफलता की आवश्यकता है।"
राष्ट्रपति ने चीनी उद्यमियों से आग्रह किया कि वे भारत में निवेश करें। उन्होंने कहा कि भारत में इन कंपिनयों के लिए बेहतरीन अवसर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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