शिबू सोरेन ने दिया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा (लीड-2)
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के शिबू सोरेन प्रदेश के सातवें मुख्यमंत्री थे। उन्होंने 30 दिसंबर 2009 को मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण किया था।
इस्तीफा सौंपे जाने के बाद झामुमो विधायक दल के नेता हेमंत सोरेन ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत लोकप्रिय सरकार के गठन के लिए शिबू सोरेन ने इस्तीफा दिया है।
ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के प्रमुख सुदेश महतो ने कहा कि शिबू सोरेन ने नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दिया है।
झामुमो के एक सूत्र ने कहा कि पार्टी के नेता रणनीति तय करने के लिए रविवार शाम दोबारा मिले जिसमें 18 में से आठ विधायक सोमवार को होने वाले विश्वास मत का सामना करने के खिलाफ थे।
झामुमो विधायक ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा कि इसके बाद शिबू सोरेन के सामने इस्तीफा देने के अलावा कोई चारा नहीं था।
उल्लेखनीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 24 मई को पांच महीने पुरानी शिबू सोरेन सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। इससे सोरेन सरकार अल्पमत में आ गई थी।
भाजपा के समर्थन वापस लेने के बाद राज्यपाल एम.ओ.एच.फारुक ने बहुमत साबित करने के लिए सोरेन को 31 मई तक का समय दिया था।
झारखण्ड की 81 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा और झामुमो के 18-18 विधायक हैं। आजसू के पांच और जनता दल (यूनाइटेड) के दो सदस्य हैं।
उधर कांग्रेस के 14, झारखण्ड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक के 11, राष्ट्रीय जनता दल के पांच और पांच निर्दलीय विधायक हैं।
ऐसे में देखने वाली बात यह होगी कि भाजपा अथवा कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार का गठन हो पाता है या नहीं। सरकार गठन नहीं होने की स्थिति में राज्य में राष्ट्रपति शासन का विकल्प होगा।
सोरेन के 27 अप्रैल को लोकसभा में भाजपा द्वारा लाए गए कटौती प्रस्ताव के विरोध में मतदान करने के बाद से ही प्रदेश में राजनीतिक संकट गहराया हुआ था। भाजपा ने 28 अप्रैल को झामुमो से समर्थन वापस लेने की घोषणा की थी।
दो दिन बाद भाजपा ने समर्थन वापसी के फैसले को स्थगित कर दिया था। झामुमो ने आठ मई को भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की थी। 18 मई को भाजपा, सोरेन के साथ सत्ता साझेदारी के लिए सहमत हो गई थी।
इसके दो दिनों बाद सोरेन ने सत्ता छोड़ने से इंकार कर दिया और घोषणा की कि एक वैकल्पिक सरकार के गठन के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों से वार्ता जारी है। इसके बाद भाजपा ने 24 मई को समर्थन वापस ले लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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