भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते पर संसद में चर्चा हो : माकपा
माकपा के पोलित ब्यूरो की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को अक्टूबर 2010 तक अंतिम रूप देने की तैयारी कर चुकी है। इसके दूरगामी प्रतिकूल परिणामों के बावजूद बातचीत को अति गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया और संसद और राज्य सरकारों को अंधेरे में रखा गया।"
बयान में कहा गया है, "ईयू के साथ एफटीए में 90 प्रतिशत कृषि उत्पादों के लिए निम्न भारतीय टैरिफ (शून्य या शून्य के करीब) का प्रावधान है। जबकि ईयू के कृषि क्षेत्र द्वारा उठाए जा रहे भारी सब्सिडी के लाभ को अछूता छोड़ दिया गया है। इससे ईयू यूरोपीय कंपनियों के सब्सिडी वाले उत्पादों को भारतीय बाजार में पटकने में सक्षम हो जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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