मप्र में जनजातीय बहुल गांव बनेंगे ऊर्जा संपन्न

भोपाल, 24 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के जनजातीय बहुल इलाकों के 3000 गांवों को ऊर्जा संपन्न बनाने के लिए गैर परंपरागत उर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने की येाजना तैयार की गई है। इस योजना के पूरा होने से जनजातीय परिवारों की जिंदगी खुशहाल हो जाएगी।

आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका परियोजना के जरिए धार , झाबुआ, बड़वानी, अलीराजपुर, श्योपुर , मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल में लगभग ढ़ाई हजार परिवारों ने बायोगैस का उपयोग शुरू कर दिया है। दो साल पहले तक इन इलाकों में जनजातीय परिवार पूरी तरह से जंगल पर निर्भर थे।

सहरिया बाहुल्य श्योपुर के कराहल और विजयपुर विकासखंड के 13 गांव में सौर उर्जा से संचालित सड़क बत्ती ने खुशहाली ला दी है। इतना ही नही 1500 सहरिया परिवारों के आंगन में भी उजाला आया है। इसी तरह धार जिले के 4000 परिवारों के यहां सीएफएल लाइट लगाई गई हैं।

ग्रामीण आजीविका परियोजना के समन्वयक एल. एम. बेलवाल ने बताया कि गरीब परिवारों को धुआं रहित चूल्हों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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