संप्रग शासन का पहला साल निराशाजनक : भाजपा
भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा, "आम चुनाव के बाद पहला वर्ष आमतौर पर उत्साह से भरपूर वर्ष होता है। पंरतु संप्रग सरकार का पहला वर्ष निराशा भरा रहा।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 'कुशासन' के विरोध में जंतर मंतर पर एक रैली को संबोधित करते हुए जेटली ने खाद्यान्नों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने में विफलता के लिए सरकार पर हमला किया।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, "पूरी दुनिया में कीमतें नियंत्रण में हैं। इसमें सरकार की विफलता दिख रही है। बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए एक भी कदम उठाने का वे दावा नहीं कर सकते।"
उन्होंने कहा कि एक साल में खाद्य पदार्थो के मूल्य में 17-19 प्रतिशत के बीच वृद्घि हुई जबकि खाद्यान्न सरकारी गोदामों में पड़ा सड़ रहा है और उसे चूहे खा रहे हैं।
जेटली ने कहा, "हमारे नेता कुछ सरकारी गोदामों में गए तो वहां पाया कि अनाज सड़ रहा है और बाजार में उसकी कमी है। इस कारण कीमतें बढ़ रही हैं।"
जेटली ने कहा कि अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं लेकिन सरकार के पास बढ़ती कीमतों से निपटने के बारे में सूझबूझ का अभाव है। जब भी इस बारे में कोई सवाल पूछा जाता है, यहां तक कि आज भी एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि आशा है कि कीमतें नीचे आएंगी।
जेटली ने कहा, "पिछल एक साल से हम इस आशा के साथ रहते आए हैं लेकिन कुछ भी नहीं हुआ।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications