दिसम्बर तक मिलेगी महंगाई से राहत : प्रधानमंत्री (लीड-1)
उन्होंने दावा किया कि दिसम्बर तक महंगाई की दर पांच से छह प्रतिशत तक लाने में उनकी सरकार सफल रहेगी। प्रधानमंत्री ने आर्थिक विकास के पूरे लाभ के लिए आतंकवाद और नक्सलवाद पर नियंत्रण बेहद जरूरी बताया।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने के अवसर पर विज्ञान भवन में संवाददाताओं से रूबरू प्रधानमंत्री ने कहा, "यह कहना उचित नहीं होगा कि हमारी अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में नहीं है। दुनिया भर में वित्तीय संकट आया था। इसका असर समूचे विश्व पर पड़ा। कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं चौपट हो गई थीं। इसके बावजूद हम अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने में बहुत हद तक सफल रहे। इसका हम पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा।"
उन्होंने कहा, "महंगाई बढ़ी है। इससे तकलीफ होती है। यह पिछले डेढ़-दो साल की बात है। बहुत हद तक अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संकट, पेट्रोलियम पदार्थो के मूल्यों में वृद्धि, बाढ़ और सूखा इसके लिए जिम्मेदार हैं। इन सभी का असर मंहगाई पर पड़ा। मुझे उम्मीद है कि दिसम्बर तक महंगाई की दर पांच-छह फीसदी तक लाने में हम सफल रहेंगे।"
आतंकवाद और नक्सलवाद को बड़ी चुनौती करार देते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि आर्थिक सुधारों का पूरा फायदा उठाने के लिए आतंकवाद और नक्सलवाद को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा, "आर्थिक सुधारों का फायदा उठाने के लिए आतंकवाद और नक्सलवाद को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। इनका आर्थिक स्थिति पर खराब असर पड़ता है।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने नक्सलवाद की चुनौती को कभी भी कम करके नहीं आंका। "आपको याद होगा कि मैं हमेशा से ही कहता रहा हूं कि नक्सल समस्या एक बड़ी चुनौती है। इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि हमारी सरकार ने इस समस्या को कमतर आंका।"
पाकिस्तान के साथ बेहतर रिश्ते न होने की उन्होंने मुख्य वजह दोनों देशों के बीच 'विश्वास की कमी' को बताते हुए इसे बड़ी बाधा करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्तों में विश्वास बहाली सबसे बड़ी जरूरत है। विश्वास की कमी के चलते इस दिशा में आगे बढ़ने में समस्या खड़ी हो रही है। "बेहतर रिश्तों के लिए विश्वास बहाली जरूरी है।"
लंबे अरसे बाद संवाददाताओं से रूबरू हुए प्रधानमंत्री ने इसकी शुरूआत मैंगलोर विमान हादसे में मारे गए 158 लोगों को श्रद्धांजलि देकर की। दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए एक मिनट का मौन भी रखा गया।
देश का प्रधानमंत्री होने के नाते उन्होंने मैंगलोर विमान हादसे और हाल ही में दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमले जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी भी स्वीकारी। उन्होंने कहा कि देश का प्रधानमंत्री होने के नाते वह संसद तथा देश की जनता के प्रति जवाबदेह हैं।
उन्होंने साफ किया कि तब तक उनके सेवानिवृत्त होने का प्रश्न ही नहीं उठता जब तक कि वह खुद को सौंपी गई जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर लेते।
उन्होंने कहा, "मुझे एक काम सौंपा गया है, जो अब तक अधूरा है और जब तक वह पूरा नहीं हो जाता तब तक मेरे सेवानिवृत्त होने का प्रश्न ही नहीं होता।"
देश की बागड़ोर युवा सांसद व कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को सौंपे जाने संबंधी एक सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि राहुल का उनके मंत्रिमंडल में शामिल होना बहुत उपयुक्त रहेगा।
उन्होंने कहा, "कैबिनेट में पद के लिए राहुल बहुत ही योग्य हैं।" उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह कई दफा राहुल से चर्चा कर चुके हैं लेकिन उन्होंने हमेशा इसे टाल दिया।
उन्होंने कहा, "राहुल बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। वह कांग्रेस पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। राहुल का मंत्रिमंडल में शामिल होना बहुत उपयुक्त रहेगा।"
इसी से जुड़े एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "मैं कई बार महसूस करता हूं कि युवाओं को देश की बागडोर संभालनी चाहिए। किसी युवा के लिए जगह खाली करने में मुझे बेहद खुशी होगी। लेकिन यह कांग्रेस पर है।"
नए राज्यों के गठन के मसले पर उन्होंने कहा कि इस पर अभी तक आम राय नहीं है। जहां तक बात तेलंगाना की है तो "पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की मांग है। इस मसले को एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति के सुपुर्द कर दिया गया है। यह मामला अब तक लंबित है, इसलिए मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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