संप्रग के दूसरे कार्यकाल में पेश हुए कई विधेयक (संप्रग सरकार का 1 वर्ष)
108वां संविधान संशोधन विधेयक, 2008 : लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध कराने वाला यह ऐतिहासिक विधेयक नौ मार्च, 2010 को राज्यसभा द्वारा पारित किया गया। सदन में यह विधेयक 186 मतों से पारित हुआ। विधेयक के खिलाफ एक मत पड़ा। सात सदस्यों को निलंबित कर दिया गया और अशोभनीय कृत्य के लिए उन्हें सदन से बाहर कर दिया गया।
110वां संविधान संशोधन विधेयक, 2009 : इसमें महिलाओं के लिए पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। पंचायती राज मंत्री सी.पी.जोशी ने इसे 26 नवंबर, 2009 को लोकसभा में पेश किया था।
बच्चों को मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा विधेयक, 2009 : विधेयक संसद के दोनों सदनों में बजट सत्र के प्रथम हिस्से के दौरान पेश किया गया, उस पर चर्चा हुई और विधेयक पारित हो गया। यह विधेयक पहली अप्रैल से प्रभावी भी हो गया।
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण विधेयक, 2009 : इसमें पर्यावरण संबंधी मुद्दों से जुड़े विवादों के हल के लिए एक हरित न्यायाधिकरण की स्थापना का प्रावधान है। विधेयक पांच मई को पारित हुआ।
असैन्य परमाणु क्षतिपूर्ति दायित्व विधेयक, 2010 : परमाणु संयंत्रों के निजी ऑपरेटरों के दायित्व के मुद्दे को हल करने के लिए इस विधेयक को सात मई को लोकसभा में पेश किया गया।
तमिलनाडु विधानपरिषद विधेयक, 2010 : संसद ने तमिलनाडु में विधानपरिषद की स्थापना के लिए इस विधेयक को छह मई को अपनी मंजूरी दे दी। राज्य में विधानपरिषद को वर्ष 1986 में एम.जी.रामचंद्रन के नेतृत्व वाली तत्कालीन राज्य सरकार ने समाप्त कर दिया था।
प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व स्थल एवं अवशेष संशोधन एवं सत्यापन विधेयक, 2010 : संसद ने इस विधेयक को मार्च महीने में पारित कर दिया।
विदेशी शिक्षण संस्थान (प्रवेश एवं संचालन का विनियमन) विधेयक, 2010 : इस विधेयक में देश में विदेशी शिक्षा मुहैया कराने वालों के प्रवेश और उनकी कार्यप्रणाली के विनियमन की बात शामिल है। इस विधेयक को लोकसभा में तीन मई को पेश किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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