अमेरिका ने की सुलभ इंटरनेशनल की प्रशंसा
अमेरिकन सोसाइटी ऑफ सिविल इंजीनियर्स (एएससीई) द्वारा आयोजित 'विश्व पर्यावरण एवं जल संसाधन कांग्रेस' में सुलभ की कम खर्च वाली शौचालय तकनीक की प्रशंसा की गई। कार्यक्रम में कहा गया कि भारत और अन्य विकासशील देशों में यह तकनीक फायदेमंद साबित हो रही है।
रोड्स द्वीप में आयोजित कार्यक्रम में सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉक्टर विंदेश्वर पाठक ने कहा कि उनकी संस्था जल्द ही 50 देशों में स्वच्छता अभियान आरंभ करेगी। उन्होंने तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों से अपील की कि वे उनका सहयोग करें ताकि स्वच्छता के क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र सहस्राब्दी लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
सुलभ की कम कीमत वाली शौचालय तकनीक को पाठक और उनके सहयोगियों ने विकसित किया है। इससे बॉयोगैस का भी उत्पादन होता है। इसे दो गड्ढों वाली 'स्वदेशी शौचालय तकनीक' कहा जाता है।
दो गड्ढों वाली स्वदेशी शौचालय तकनीक से बॉयोगैस के उत्पादन के लिए मानव अपशिष्ट का उपयोग किया जाता है, जिस वजह से यह तकनीक स्वास्थ्य संबंधित खतरों से छुटकारा दिलाती है। विकासशील देशों के लिए स्वच्छता के क्षेत्र में इस तकनीक का विशेष महत्व है।
गौरतलब है कि सुलभ इंटरनेशनल ने दक्षिण और मध्य एशिया में बेघर लोगों के लिए 5,500 से अधिक सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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