भारत-ईरान के बीच घनिष्ठ रिश्ते होने चाहिए : अहमदीनेजाद (लीड-1)
अहमदीनेजाद ने भारतीय विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा से यहां जी-15 की बैठक के मौके पर कहा कि ईरान और भारत को अपने सांस्कृतिक संबंधों तथा क्षेत्रीय व वैश्विक पस्थिति के कारण एक साथ रहना चाहिए।
अहमदीनेजाद ने कहा कि ये सभी स्थितियां दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग का आह्वान करती हैं।
अहमदीनेजाद ने आगे कहा, "ईरान और भारत को दुनिया की भावी नई व्यवस्था को खड़ा करने के लिए अपने समान विचारों को विकसित करना चाहिए।"
सरकारी समाचार एजेंसी, इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (इरना) ने अहमदीनेजाद के हवाले से कहा है, "दोनों देशों को, खत्म हो रही बड़ी शक्तियों का स्थान ग्रहण करने के वर्तमान अवसर को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।"
अहमदीनेजाद ने आगे कहा कि भारत और तेहरान के बीच घनिष्ठ रिश्ते से दूसरे देशों को भी लाभ होगा, क्योंकि तेहरान व नई दिल्ली ने क्षेत्र और दुनिया में शांति और सुरक्षा की हमेशा वकालत की है।
इस अवसर पर एस.एम.कृष्णा ने कहा कि ईरान और भारत, दो ऐसे विकासशील देश हैं, जिन्हें अपनी सवरेत्तम संभावनाओं को विकसित करना है।
जी-15 बैठक को सफल और प्रभावी बताते हुए कृष्णा ने इस सफल आयोजन के लिए ईरान की तारीफ की।
कृष्णा ने सोमवार को ईरानी विदेश मंत्री मनुचेहर मोत्तकी से मुलाकात की थी और द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के उपायों पर चर्चा की थी।
ज्ञात हो कि तेहरान और नई दिल्ली के बीच पिछले वर्ष संबंधों में दरार आ गई थी। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) में पारित एक प्रस्ताव के लिए वोट देकर ईरान के परमाणु हथियारों का विरोध किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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