सोते समय सीखते हैं नवजात
स्वलीनता और डिस्लेक्सिया (मानसिक विकार जिसमें पढ़ने-लिखने में कठिनाई हो) जैसे विकासात्मक विकारों के खतरे पहचानने के लिए यह अध्ययन किया गया था।
फ्लोरिडा विश्वविद्यालय की अध्ययनकर्ता डैना बायर्ड ने कहा, "हमने नवजातों में सोते समय सीखने की एक बुनियादी प्रक्रिया देखी, जिसे सोते हुए किशोरों में नहीं देखा जाता है।"
बायर्ड ने कहा कि अध्ययन के परिणाम इस दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं कि किस तरह से नवजात 16 से 18 घंटे की नींद में अन्य दुनिया की अपेक्षा तेजी से सीख लेते हैं।
उन्होंने कहा कि सोते हुए नवजात बेहतर शिक्षार्थी होते हैं।
बायर्ड और साथी शोधकर्ताओं ने सोते हुए नवजातों के सीखने की क्षमताएं जांचने के लिए एक विशेष ध्वनि और पलकों पर हवा के एक झोंके का इस्तेमाल किया। उन्होंने हवा के झोंके के साथ नवजातों को यह ध्वनि सुनाई और उनकी प्रतिक्रिया देखी।
बीस मिनट तक यह प्रयोग करने के बाद शोधकर्ताओं ने देखा कि जब बिना हवा के झोंके के नवजातों को यह ध्वनि सुनाई गई तो भी उनमें वैसी ही प्रतिक्रिया देखी गई।
बायर्ड का कहना है कि इस अध्ययन से मस्तिष्क में होने वाले विकासात्मक विकारों की दिशा में नए अनुसंधान क्षेत्र उपलब्ध हो गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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