मेघालय में 3 दिनों तक ठप्प रहेगा जनजीवन
शिलांग, 17 मई (आईएएनएस)। मेघालय में मंगलवार से गुरुवार यानी तीन दिनों तक विभिन्न संगठनों ने अलग-अलग बंद का आह्वान किया है। लांगपिह गांव में संघर्ष के दौरान पुलिस फायरिंग में चार लोगों की मौत के विरोध में विभिन्न संगठनों ने बंद का आह्वान किया है।
खासी छात्र संगठन ने मंगलवार को, युनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी ने बुधवार को और प्रतिबंधित संगठन हिनीट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (एचएनएलसी) ने अलग-अलग बंद की घोषणा की है।
बंद की घोषणा के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 40 और 44 के सबसे प्रभावित होने के आसार हैं। इस राजमार्ग मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर और असम को मेघालय से जोड़ी है। इसे पूर्वोत्तर का लाइफलाइन भी कहा जाता है।
मेघालय असम सीमा पर बसे लांगपिह गांव में पिछले दिनों नेपालियों, गारो और खासी जनजातीय समुदाय के लोगों के बीच हुए संघर्ष के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी थी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई घायल हो गए थे।
खासी छात्र संगठने के अध्यक्ष सैमुएल बी. जीरवा ने आईएएनएस को बताया, "हम मंगलवार को सुबह पांच बजे से शाम पांच बजे तक बंद के अपने आह्वान पर कायम हैं।"
इस बीच मेघालय के गृह मंत्री एच. डी. आर. लिंगदोह ने गैर-राजनीतिक संगठनों और राजनीतिक दलों से बंद का आह्वान वापस लेने का आग्रह किया है।
उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "स्थिति तनवापूर्ण है। फायरिंग की घटना के बाद जातीय संघर्ष ने फैले, इसके लिए हमने सभी कदम उठाए हैं।"
मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने इस मुद्दे पर मंगलवार को सभी राजनीतिक दलों और गैर राजनीतिक संगठनों की बैठक बुलाई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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