भारत ने कहा, लिट्टे अब भी खतरा
एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार लिट्टे का खतरा कायम है और देश की एकता और संप्रभुता के लिए यह खतरनाक है।
अधिसूचना के अनुसार भले ही श्रीलंका की सेना ने लिट्टे को तबाह कर दिया लेकिन उसके सदस्य अब तमिलनाडु में एकजुट हो रहे हैं।
सरकार के अनुसार लिट्टे के बचे हुए सदस्य भारत को धोखेबाज के रूप में और श्रीलंका सरकार को शत्रु मानते हैं तथा बदला लेना चाहते हैं।
अधिसूचना के अनुसार इन तत्वों के फिर एकजुट होने और अपनी गतिविधियों के लिए तमिलनाडु को आधार शिविर बनाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
अधिसूचना में कहा गया कि लिट्टे नेता, संचालक और समर्थन भारत की श्रीलंका नीति के कड़े विरोधी हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के एक साल बाद वर्ष 1992 में भारत ने लिट्टे को प्रतिबंधित किया था। हर दो वर्ष पर इस प्रतिबंध को बढ़ाया जाता रहा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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