हिमाचल के विश्वविद्यालयों में लड़कियों की सीटें बढ़ी
इससे पहले विश्वविद्यालय ने स्नातक व स्नाताकोत्तर व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में एक अतिरिक्त सीट बढ़ाई थी और इसे इकलौली बेटी के लिए आरक्षित किया था।
एचपीयू के कुलपति सुनील कुमार गुप्ता ने आईएएनएस को बताया, "हमने एम. फिल पाठ्यक्रम में माता-पिता की इकलौती बेटी के लिए सीट आरक्षित करने का फैसला किया है। यह आरक्षण व्यवस्था स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर इस साल से शुरू हो रहे सत्र से प्रभावी हो जाएगी।"
उन्होंने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य समाज में व्याप्त कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराइयों को रोकना है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2001 की जनगणना के मुताबिक देश में लिंगानुपात हरियाणा के 861 और केरल के1,058 के बीच है। हिमाचल प्रदेश में लिंगानुपात 968 है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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