कश्मीर की यूरोपीय बीज खरीदारों को लुभाने की कवायद

जम्मू, 15 मई (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादी हिंसा फैलने से पहले यूरोपीय देशों के खरीदार अच्छी गुणवत्ता वाले बीज खरीदने के लिए राज्य में आते थे। फल उपजाने के लिए प्रसिद्ध यह पहाड़ी राज्य अब कृषि का पुनरुद्धार कर अपने ग्राहकों को वापस लाने का प्रयास कर रहा है।

कृषि मंत्री गुलाम हुसैन मीर ने आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में कहा,"हम लाभदायक भौगोलिक और पर्यावरणीय स्थितियों का उपयोग बेहतरीन बीजों के उत्पादन के लिए करते थे। आतंकवाद की शुरुआत के पहले कई यूरोपीय बीज खरीदार राज्य में आते थे। अब हमारा उद्देश्य उन्हें फिर से वापस लाना है।"

उन्होंने कहा, "हमारा ध्यान राज्य में अच्छे बीज के उत्पादन पर है जो कृषि के सुधार का आधार बनेगा।"

मीर ने कहा,"हम कृषि के आधार पर बीज उत्पादन बढ़ाने और उनमें बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं।"

राष्ट्रीय स्तर पर सब्जियों व अनाजों के बीज का उत्पादन बढ़ाने, उनकी गुणवत्ता में बदलाव लाने का औसत 25 फीसदी है, जम्मू एवं कश्मीर में यह 10 फीसदी है।

मीर ने कहा,"मेरा उद्देश्य इसे केवल राष्ट्रीय स्तर तक नहीं बल्कि उससे भी आगे ले जाना है।"

उन्होंने कहा कि बीज को दो से तीन साल में बदलना जरूरी होता है नहीं तो उत्पादन में तेजी से गिरावट आती है।

उन्होंने कहा कि किसानों को नए बीज मुहैया कराए जाएंगे।

राज्य में पुंछ, राजौरी, भद्रवाह, किश्तवाड़, उधमपुर और रियासी बारिश सिंचित क्षेत्र हैं और मक्का उत्पादन के लिए जाने जाते हैं।

मीर ने कहा कि इस साल कृषि विभाग ने इस इलाके में 20 फीसदी संकरित बीजों का वितरण किया है।

मीर के मुताबिक राज्य का फल उत्पादन अधिक है लेकिन अन्य क्षेत्रों में और काम करने की जरूरत है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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