बांग्लादेश में तालाब में पलेंगी हिलसा
चांदपुर मत्स्य अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ताओं ने इस आम धारणा को गलत साबित कर दिया है कि हिलसा प्रजाति की मछलियां सिर्फ नदियों में ही जीवित रह सकती हैं। संस्थान ने अपने परिसर स्थित तालाबों में इनके पालने की प्रक्रिया शुरू की है।
हिलसा मछलियों को तालाबों में पालने के प्रयास वर्ष 1988 जारी हैं लेकिन इस प्रयास में अब तक कोई सफलता नहीं मिल पा रही थी।
स्थानीय समाचार पत्र 'डेली स्टार' के अनुसार संस्थान के मुख्य वैज्ञानिक अनीसुर रहमान को अब इस योजना के सफल होने की उम्मीद है।
संस्थान के अंदर तीन तालाबों को हिलसा मछलियों के पालने के लिए तैयार किया गया है। पूर्ण पैमाने पर हिलसा मछलियों का प्रायोगिक पालन इस महीने शुरू हो जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications